वाशिंगटन: अमेरिका ने वैश्विक आतंकवाद को लेकर भारत के द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की है. आतंकवाद के रोकथाम को लेकर भारत के प्रयास पर अमेरिका ने काफी प्रशंसा की है. अमेरिका ने यह भी माना है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन भारत को अभी भी अपने निशाने पर रखें हुयें हैं. 

अपनी वार्षिक ‘कंट्री रिपोर्ट ऑन टेरेरिज्म’ नामक रिपोर्ट में अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को कहा कि भारतीय नेतृत्व ने अमेरिका और समान विचारधारा वाले अन्य देशों के सहयोग से घरेलू स्तर पर आतंकवादी हमलों को रोकने तथा आतंकवाद के गुनाहगारों को इंसाफ के कटघरे में खड़ा करने का निश्चय किया है. साथ हीं अमेरिकी विदेश मंत्रालय की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 में जम्मू कश्मीर समेत भारत के कई हिस्सों पर आतंकवाद ने बहुत बुरा असर डाला तथा मध्य भारत के कई हिस्सों में माओवादी अभी भी सक्रिय बने हुए हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘भारत अब भी आतंकी हमलों से दो चार हो रहा है. पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन, जनजातीय एवं माओवादी चरमपंथी उसे अपना निशाना बना रहे हैं. भारतीय प्रशासन ने जम्मू कश्मीर में सीमापार हमलों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है.’’ रिपोर्ट के अनुसार भारत  अपनी सीमा के अंदर आतंकवादी गतिविधियों का पता लगाने, उसे अवरुद्ध करने और उसका दमन करने के लिए लगातार दबाव बनाये हुआ है.

वाशिंगटन: अमेरिका ने वैश्विक आतंकवाद को लेकर भारत के द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की है. आतंकवाद के रोकथाम को लेकर भारत के प्रयास पर अमेरिका ने काफी प्रशंसा की है. अमेरिका ने यह भी माना है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन भारत को अभी भी अपने निशाने पर रखें हुयें हैं. 

अपनी वार्षिक ‘कंट्री रिपोर्ट ऑन टेरेरिज्म’ नामक रिपोर्ट में अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को कहा कि भारतीय नेतृत्व ने अमेरिका और समान विचारधारा वाले अन्य देशों के सहयोग से घरेलू स्तर पर आतंकवादी हमलों को रोकने तथा आतंकवाद के गुनाहगारों को इंसाफ के कटघरे में खड़ा करने का निश्चय किया है. साथ हीं अमेरिकी विदेश मंत्रालय की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 में जम्मू कश्मीर समेत भारत के कई हिस्सों पर आतंकवाद ने बहुत बुरा असर डाला तथा मध्य भारत के कई हिस्सों में माओवादी अभी भी सक्रिय बने हुए हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘भारत अब भी आतंकी हमलों से दो चार हो रहा है. पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन, जनजातीय एवं माओवादी चरमपंथी उसे अपना निशाना बना रहे हैं. भारतीय प्रशासन ने जम्मू कश्मीर में सीमापार हमलों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है.’’ रिपोर्ट के अनुसार भारत  अपनी सीमा के अंदर आतंकवादी गतिविधियों का पता लगाने, उसे अवरुद्ध करने और उसका दमन करने के लिए लगातार दबाव बनाये हुआ है.

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि 2017 के दौरान भारत ने अमेरिका के साथ आतंकवाद की रोकथाम के लिए आपस में सहयोग बढ़ाने और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान पर जोर दिया और उस सिलसिले में दिल्ली में आतंकवादी संगठनों को नामजद कर उन्हें काली सूची में डालने पर पहली बार दोनों देश के बीच विशेष शीर्षस्तरीय वार्ता हुई.
फिलवक्त भारत और अमेरिका ने अलकायदा, आईएसआईएस, जैश ए मोहम्मद, लश्कर ए तैयबा और डी कंपनी समेत विभिन्न संगठनों के आतंकवादी खतरों के खिलाफ सहयोग मजबूत करने का संकल्प लिया है. जून,2017 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को आतंकवादी संगठनों को नामित करने के संदर्भ में अधिकारियों को एक व्यवस्था तैयार करने का निर्देश दिया था. रिपोर्ट के अनुसार भारत ने आईएसआईएस और अलकायदा जैसे आतंकवादी संगठनों के खतरों पर कड़ी नजर रखी. अमेरिकी विदेश विभाग ने आतंकवादी कार्रवाइयों के लिए भारत के प्रयासों की प्रशंसा की.
अमेरिकी विदेश विभाग पर अमेरिकी संसद कांग्रेस ने ऐसी रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी डाल रखी है.