नई दिल्ली,छत्तीसगढ़ में पिछले डेढ़ दशक से सत्तारुढ़ बीजेपी राज्य में अपनी सत्ता बचाए रखने की कोशिशों में जुटी है, तो कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए संघर्षरत है, लेकिन इस बीच नए राजनीतिक समीकरण में मायावती ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की नई पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विपक्षी दलों को एक साथ करने की योजना को ध्वस्त करते हुए मायावती ने उन्हें तगड़ा झटका दिया है. उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी सुप्रीमो मायावती ने ऐलान किया कि छत्तीसगढ़ में जोगी की पार्टी के साथ बसपा चुनाव लड़ेगी तो मध्य प्रदेश में उनकी पार्टी अकेले ही चुनाव लड़ सकती है. छत्तीसगढ़ में चुनाव जीतने की सूरत में जोगी गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री होंगे.
इससे पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) राज्य में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सकती है. पहले वह राज्य में सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थी, लेकिन राज्य के कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल बसपा के साथ गठबंधन की कोशिशों में जुटे थे.

कांग्रेस पर साधा निशाना

लेकिन मायावती ने कांग्रेस के महागठबंधन की रणनीति को ध्वस्त करते हुए अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के साथ समझौता कर लिया. इस समझौते के तहत जोगी की पार्टी 55 और बसपा 35 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

छत्तीसगढ़ में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं. राज्य में अभी कुल 11 लोकसभा और 5 राज्यसभा की सीटें हैं. छत्तीसगढ़ में 27 जिले हैं. राज्य विधानसभा में 51 सीट सामान्य, 10 सीट एससी और 29 सीट एसटी के लिए आरक्षित हैं.

MP में 22 उम्मीदवारों की सूची जारी

मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस ने अजीत जोगी का छत्तीसगढ़ में इस्तेमाल किया और फिर उन्हें छोड़ दिया. उन्होंने आगे कहा कि वह गठबंधन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन दूसरी पार्टियों को भी अपना दिल बड़ा करना होगा.

मध्य प्रदेश में गठबंधन के बारे में मायावती ने कहा कि मध्य प्रदेश में बसपा अकेले चुनाव लड़ेगी, फिलहाल अभी तक किसी भी पार्टी के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बनी है. हालांकि पार्टी ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के 22 सीटों से अपने उम्मीदवारों की एक सूची भी जारी कर दी.
मायावती ने कहा कि 3 राज्यों के विधानसभा चुनाव जल्द घोषित होंगे, लेकिन बसपा सिर्फ उसी पार्टी से गठबंधन करेगी जो उन्हें सम्मानजनक सीटें देगी और जो पार्टी बसपा के विचार 'सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय' की नीति पर चलेगी.

इस साल के आखिर में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं. इस बार बसपा पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में उतरने को तैयार है. यही वजह है कि पार्टी प्रमुख मायावती ने सूबे की जिताऊ विधानसभा सीटों का गुप्त सर्वे कराना शुरू कर दिया है.

पिछले दिनों बसपा के प्रदेश अध्यक्ष ओपी बाजपेयी ने दावा किया था कि पार्टी सुप्रीमो छत्तीसगढ़ में चुनाव को लेकर खुद नजर बनाए हुई हैं. छत्तीसगढ़ की हर सीट पर बसपा मजबूती से चुनाव लड़ेगी.