नई दिल्ली,  भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान के आग्रह पर विदेश स्तर की बातचीत करने के लिए तैयार हो गया है. भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच मुलाकात होगी,  हालांकि मुलाकात की जगह, समय और तारीख अभी बाद में तय होगी.
बता दें कि पाकिस्तान पीएम की लिखी चिट्ठी पर भारतीय विदेश मंत्रालय से जारी बयान में कहा गया है कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच अभी सिर्फ मुलाकात होगी, बातचीत पर कोई सहमति नहीं हुई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बीएसएफ जवान की हत्या बर्बर करतूत है, सीमापार आंतकवाद पर हमारी नीतियों में कोई बदलाव नहीं आया है. बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ होने वाली बैठक पर कोई एजेंडा नहीं तय किया गया है. इस बैठक के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. सही मंच पर पाकिस्तान के सामने मुद्दा उठाएंगे.

बता दें कि इमरान सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के आयोजन के दौरान भारत-पाक के विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत हो. हालांकि, भारत का रुख यही है कि आतंक और वार्ता साथ-साथ नहीं हो सकती.

न्यूयॉर्क में होगी विदेश मंत्रियों की बातचीत?

इमरान खान के लेटर में यह प्रस्ताव दिया गया है कि इस माह के अंत में न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बीच बातचीत हो. इमरान खान ने यह प्रस्ताव भी रखा है कि भारत जल्दी से जल्दी पाकिस्तान में सार्क सम्मेलन आयोजित कराने पर विचार करे.

गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक न्यूयॉर्क में 22 सितंबर से शुरू हो रही है, जो 4 अक्टूबर तक चलेगी.सुषमा स्वराज 24 सितंबर से 30 सितंबर तक वहां रहेंगी. इसी दौरान 29 सितंबर को सार्क विदेश मंत्रियों की भी बैठक हो सकती है. 29 सितंबर को सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की मुलाकात होने की संभावना है.