दुबई : देश की राजधानी दिल्ली समेत दूसरे बड़े शहरों की आज सबसे बड़ी समस्या प्रदूषण के कारण जहरीली होती हवा है. खासकर सर्दियों के मौसम में दिल्ली और एनसीआर का हाल तो और बुरा हो जाता है. सुप्रीम कोर्ट ने कई बार सख्त टिप्पणी करते हुए राजधानी को गैस चैंबर तक बता दिया है, लेकिन अब इस समस्या से निजात मिल सकती है. दुबई की एक आर्किटेक्चर फर्म जनेरा ने इस दिशा में न सिर्फ काम किया है, बल्कि इस समस्या से निजात दिलाने के लिए एक टावर का मॉडल भी तैयार किया है. ये टावर 100 मीटर लंबा होगा. ये भारी भरकम टावर अपने आपसपास की जहरीली हवा को सोखेगा. इस प्रदूषित हवा को रिसाइकिल कर ये क्लीन हवा छोड़ेगा.

ये बात तो हम सभी जानते हैं कि दुनिया में जब भी सबसे प्रदूषित शहरों की बात होती है तो उनमें दिल्ली का नाम पहले शहरों में शामिल होता है. लेकिन दुबई की फर्म का प्रोजेक्ट देश की राजधानी को इस जहर से मुक्ति दिला सकता है. हमें ये जानकर खुशी होगी कि वर्ल्ड आर्किटेक्चर फेस्टीवल में इस स्मोग प्रोजेक्ट को फ्यूचर प्रोजेक्ट ऑफ द ईयर 2018 के लिए शॉर्ट लिस्ट किया गया है.

100 मीटर लंबे इस टावर से इतनी मात्रा में साफ हवा निकलेगी, जो उसके आसपास के करीब 3 किमी के क्षेत्र की आवो-हवा को साफ कर देगी. इस फर्म का कहना है कि इस टावर का निचला हिस्सा प्रदूषित हवा को अपने अंदर सोखेगा. इसके बाद इसमें लगे भारी भरकम पंखे इसमें से शुद्ध और साफ हवा को वातावरण में छोड़ेंगे. एक दिन में ये 32 क्यूबिक मीटर हवा छोड़ेगा.

कैसे लड़ेगा ये प्रदूषण से...
इस फ्यूचर प्रोजेक्ट की कामयाबी के सवाल पर जनेरा के मुख्य आर्किटेक्ट नजमस चौधरी का कहना है कि प्रदूषण से लड़ने की दिशा में ये बिल्कुल सही कदम है. चौधरी का कहना है कि प्रदूषण से दिल्ली का हाल बहुत बुरा है. मैं भारत से ही हूं. पंजाब मेरा प्रदेश है. दिल्ली में मैंने काफी समय बिताया है. मुझे लगता है कि अभी तक वहां इस दिशा में कुछ खास नहीं हुआ है.

चौधरी का कहना है कि लोगों को अपना मानसिक स्तर बदलने की जरूरत है. उन्होंने कहा, एक खूबसूरत पिक्चर और डिजाइन दिखाना बहुत आसान होता है. लेकिन हम इस दिशा में काम भी कर रहे हैं. हम वहां तक सोच रहे हैं, जहां तक संभव हो सके. हमें पता है कि लोग कहेंगे कि ये ग्रेविटी के नियम के खिलाफ है. लेकिन हम चाहते हैं कि लोग हमसे सवाल करें, इससे हम अपने प्रोजेक्ट को और बेहतर कर पाएंगे.