वॉशिंगटन:  आतंकी ओसामा बिन लादेन को मारने वाली अमेरिकी सेना के स्पेशल दस्ते के प्रमुख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका के लिए “शर्मनाक” कहने के कारण अमेरिका के रक्षा मंत्रालय सलाहकार निकाय से इस्तीफा देना पड़ा. पेंटागन के सूत्रों ने आज शुक्रवार (14 सितम्बर) को इस बात की जानकारी दी. पेंटागन की प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मिशेल बल्दांजा ने बताया कि एडमिरल विलियम मैकरावेन ने पिछले महीने डिफेंस इनोवेशन बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को अमेरिका के लिए शर्मनाक बताने वाले अमेरिकी सेना के अधिकारी मैकरावेन ने 2014 में पाकिस्तान में अल-कायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन को मारने वाली स्पेशल फोर्सेज का संचालन किया था. लेकिन ट्रम्प की आलोचना करने की वजह से उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा. माइक्रावेन ने वाशिंगटन पोस्ट में लिखे अपने आलेख में "ट्रम्प" को देश के लिए शर्मनाक बताया था. मैकावें लगातार राष्ट्रपति ट्रम्प की सुरक्षा को ले कर ढुलमुल नीतियों के लेकर सरकार की लगातार आलोचना कर रहे थें. साथ हीं उन्होंने जॉन ब्रैनन के मुद्दे पर पर भी ट्रम्प पर काफी कड़ी टिप्पणियां की थी.बताया जा रहा हैं की उनकी इस आलेख प्रकाशित होने  के चार दिन बाद उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया गया. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार 20 अगस्त को पेंटागन ने उनके इस्तीफे को मंजूरी दे दी. 
वॉशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित माइक्रावेन के इस लेख में उन्होंने ट्रम्प सरकार के एक अन्य आलोचक सीआईए के पूर्व निदेशक जॉन ब्रैनन की सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के फैसले पर ट्रंप पर रोष जाहिर किया था. मैकरावेन ने ब्रैनन को रक्षा कार्यो से जुड़ा एक बेहतरीन कर्मचारी बताया था. साथ ही उन्होंने कहा था कि अगर उनकी सुरक्षा मंजूरी भी रद्द कर दी जाए तो यह “उनके लिए सम्मान की बात” होगी.  माइक्रावेन ने राष्ट्रपति ट्रम्प की निंदा करते हुए कहा था की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यो से अमेरिकी देश राष्ट्र के तौर पर विभाजित हुआ और हमें वैश्विक मंच पर अपमान का सामना करना पड़ा. इस पत्र में उन्होंने कहा, “अपने कार्यों से आपने हमें अपने बच्चों की नजर में शर्मिंदा किया, वैश्विक मंच पर हमें अपमानित किया और सबसे बुरी बात यह कि एक राष्ट्र के तौर पर हमें विभाजित किया”.

अमेरिका का डिफेंस इनोवेशन बोर्ड निजी क्षेत्र में  शीर्ष तकनीकविदों और वैज्ञानिकों को साथ लाता है शामिल रहते हैं जो पेंटागन और रक्षा मंत्रालय को सलाह देतें है.