प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात की जिसमें मध्य प्रदेश के पन्ना जिले को भी चुना गया था. इस दौरान प्रधानमंत्री ने महिलाओं का हालचाल जाना और डिजिटल इंडिया के कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए ऑनलाइन मॉनिटरिंग पर जोर दिया. प्रधानमंत्री ने जैसे ही पन्ना से बात की मौजूद आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं खुश हो गईं.

पन्ना की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से प्रधानमंत्री ने जानकारी ली और इसके बाद उनको अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित भी किया. प्रधानमंत्री से बात करने के पूर्व आशा कार्यकर्ता नीतू दत्ता ने बड़ी तैयारी की थी. जमुहाई गांव की आशा कार्यकर्ता नीतू दत्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री से बात करने के इंतजार और खुशी में रात भर नींद नहीं आई.

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता फूलवती प्रजापति ने कहा कि हमें भरोसा ही नहीं था कि हम इतने नजदीकी से प्रधानमंत्री से बात करेंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया के तहत ऑनलाइन मॉनिटरिंग पर जोर दिया. इस बीच अधिकारियों में भी खुशी का माहौल है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी एलके तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा सीधे बात करने से महिलाओं में उत्साह का माहौल है उम्मीद है उत्साह में जिले में स्वास्थ्य गतिविधियों को और अच्छी तरीके से संचालित किया जा सकेगा.

पन्ना जिला देश की सबसे कुपोषित जिलों में से एक है. बाल मृत्यु दर सबसे ज्यादा है और स्वास्थ्य सुविधाओं का इतना अभाव है कि छोटी सी बीमारी के लिए भी पड़ोसी सतना छतरपुर और जबलपुर जिले में भागना पड़ता है जिले में एक भी प्राइवेट नर्सिंग होम या अस्पताल नहीं है अब उम्मीद जगी है इस संवाद के बाद मैदानी अमले में उत्साह आएगा और सरकारी प्रोग्राम और गति पकड़ेंगे.