नई दिल्ली: टेक्नोलॉजी जितनी तेजी से अपडेट हो रही है, उससे जुड़े खतरे भी साथ-साथ उतनी ही तेजी से पैर पसार रहे हैं. क्या आपको पता है कि आप स्मार्टफोन में जो गूगल प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड करते हैं, उसमें मालवेयर भी छिपा हो सकता है. यह आपके स्मार्टफोन को डैमेज कर सकता है, यानी नुकसान भी पहुंचा सकता है. एंटीवायरस समाधान प्रदान करने वाली कंपनी क्विक हील के लैब में हाल में हुए शोध में इसका खुलासा हुआ है. क्विक हील ने पाया कि गूगल प्ले स्टोर में मालवेयर छिपे थे. गूगल प्ले स्टोर पर ऐसे मालवेयर 50 हजार से भी अधिक बार डाउनलोड किए जा चुके होते हैं. क्विक हील ने इसकी सूचना गूगल को भी दी है और प्ले स्टोर से इन मालवेयर को हटाया है.
मालवेयर ऐप्लीकेशन को ऐसे uninstall करें
-सेटिंग में ऐप मैनेजर में जाएं
-फर्जी गूगल प्ले स्टोर का पता करें और उसे अनस्टॉल करें
-अगर आप अब भी उलझन में हैं तो बेहतर यह होगा कि इसके लिए आप मोबाइल एंटीवायरस का इस्तेमाल करें. एंटीवायरस ऐसे मालवेयर का पता लगाता है और आपको इसे अनस्टॉल करने के संकेत देता है.

फर्जी मोबाइल एप से बचकर रहें 
-कोई भी ऐप डाउनलोड करने से पहले उसकी विस्तृत जानकारी लें
-ऐप डेवलपर के नाम और उसकी वेबसाइट को जांचें. अगर नाम अटपटा लगे तो आप सतर्क रहें
-ऐप की समीक्षा और उसकी रेटिंग को गौर से देखें, लेकिन याद रहे यह भी फर्जी हो सकते हैं.
-कभी भी थर्ड पार्टी ऐप स्टोर से ऐप डाउनलोड न करें.
-स्मार्टफोन की सुरक्षा के लिए एक जांचा-परखा मोबाइल एंटीवायरस का इस्तेमाल करें जो आपको फर्जी और हानिकारक ऐप डाउनलोड करने से रोकता है
-सिर्फ सुरक्षित नेटवर्क का इस्तेमाल करें और अनजान पॉप-अप्स पर क्लिक न करें

मालवेयर ऐप से सावधान
ट्रोजन ऐसा मालवेयर ऐप है जो दूसरे प्रोग्राम के साथ घुसने की कोशिश करता है और फोन के फंक्शन में गड़बड़ी पैदा करता है. स्पाईवेयर ऐसा मालवेयर ऐप है जो यूजर का डाटा चुरा लेता है और इससे अहम जानकारी के साथ आपके पैसों को भी खतरा हो सकता है. इसके अलावा घोस्ट पुश ऐसा मालवेयर ऐप है जो ऑपरेटिंग सिस्टम पर कब्जा करता है, और इसके अटैक से हैंडसेट की रिकवरी लगभग असंभव ही हो जाती है. अन्य सामान्य मालवेयर में- केबिर, डट्स, स्कल्स, कॉमनवॉरियर, जिंजरमास्टर, ड्रॉयडकूंगफू, आईकी, गनपोडर, शेदुन, हमिंगबैड, फॉल्सगाइड, स्किनर और ड्रेसकोड आदि हैं.