छत्तीसगढ़ में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. अब तक प्रदेश में डेंगू से करीब 20 लोगों की मौत हो गई है. मरीजों को बेहतर इलाज के लिए राज्य के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज मेकाहारा में लाया गया है. यहां चिकित्सा तो दूर मरीजों को बेड तक नसीब नहीं हो पा रही है. डेंगू के मरीजों को किसी तरह जमीन पर लेटाकर उनका इलाज किया जा रहा है. ये बातें मरीज के परिजन बता रहे हैं.

भिलाई के खुर्सीपार समेत प्रदेश के कई जिलों में डेंगू अपना पैर पसार चुका है. सरकार और स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद डेंगू के मरीजों को इलाज के लिए रायपुर रेफर किया जा रहा है, लेकिन यहां भी अव्यवस्थाएं सिर चढ़कर बोल रही हैं. एक आंकड़े के मुताबिक दो दिनों में अब तक 60 मरीजों को रायपुर लाया जा चुका है. वहीं दो की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है.

इस संबंध में मएक रीज के परिजन बबलू चौबे का कहना है कि भिलाई से वे अपने परिवार के दो मरीजों को मेकाहारा लेकर आए हैं, दोनों ही मरीज डेंगू प्रभावित हैं. उन्होंने कहा कि भिलाई में डेंगू का प्रकोप काफी हद तक बढ़ गया है, जिससे कोई अछूता नहीं रह पा रहा है. वहीं अस्पताल में मरीजों को ग्लूकोज की बोतलें पकड़ाकर जमीन पर लेटा दिया गया है. कोई देखने सुनने वाला नहीं है. अस्पताल प्रबंधन से पूछे जाने पर वो स्टाफ की कमी बताकर अपना पल्ला झाड़ रहा है.