कोलकाता।कोलकाता की एक अदालत ने बाल काटने वाले एक व्यक्ति पर नाबालिग बेटी का यौन उत्पीड़न करने का झूठा आरोप लगाने वाली एक महिला को दो महीने की कैद की सजा सुनाई है। इस माह की शुरूआत में मामले में गवाहों से पूछताछ के दौरान महिला ने अदालत में स्वीकार किया कि उसने पॉक्सो कानून के तहत व्यक्ति पर झूठे आरोप लगाए थे।

महिला ने फूलबागान पुलिस थाने में जून में शिकायत दर्ज कराई थी कि व्यक्ति ने बाल काटने के दौरान उसकी आठ साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न किया था। शिकायत दर्ज होने के बाद ही व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया था और वह तब से ही वह हिरासत में है।

सरकारी वकील विवेक शर्मा ने बताया कि सियालदाह अदालत में विशेष न्यायाधीश जेबी विस्वास के समक्ष सुनवाई के दौरान जब बच्ची की मां से पूछताछ की गई तो उसने कहा कि उसने व्यक्ति के खिलाफ झूठे आरोप लगाए थे।  हालांकि उसने यह नहीं बताया कि उसने व्यक्ति के खिलाफ झूठे आरोप क्यों लगाए थे।

इसके बाद न्यायाधीश ने व्यक्ति को आरोपमुक्त करते हुए उसे रिहा करने के आदेश दिए। न्यायाधीश ने महिला के खिलाफ कार्रवाई करते हुए व्यक्ति पर झूठे आरोप लगाने पर उसे दो माह की कैद की सजा सुनाई।