नई दिल्ली। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों को हरिद्वार में गंगा समेत देश में अलग अलग स्थानों पर सौ पवित्र नदियों में विसर्जित किया जाएगा। रविवार को मुख्य विसर्जन कार्यक्रम हरिद्वार में होगा। इसमें उनके परिजनों के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत मौजूद रहेंगे। दिल्ली में 20 अगस्त को व लखनऊ में 23 अगस्त को सार्वजनिक सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभाएं होंगी। 

भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव ने बताया कि अटलजी के प्रति पूरे देश से उमड़े प्यार और लोगों की भावनाओं को देखते हुए भाजपा ने उनकी याद में देशभर में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन करने का फैसला किया है। रविवार को अटलजी के परिजन विशेष विमान से अस्थि कलश लेकर हरिद्वार जाएंगे। उनके साथ अमित शाह व राजनाथ सिंह भी जाएंगे। दोपहर 11 बजे से 2 बजे के बीच पूरे धार्मिक विधि विधान से विसर्जन कार्यक्रम किया जाएगा। इस मौके पर प्रमुख संत व गणमान्य लोग भी रहेंगे। 

सभी राजधानियों में पहुंचेंगे अस्थि कलश 

अटल जी के लखनऊ से लगाव व विशेष संबंधों को देखते हुए 23 अगस्त को वहां पर भी गोमती में अस्थि विसर्जन व श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में उनके परिजन भी मौजूद रहेंगे। इसके बाद देशके सभी राज्यों के राजधानियों में अटलजी के अस्थि कलश पहुंचेंगे, जहां भाजपा कार्यालयों में उनको रखा जाएगा और वहां से अलग अलग स्थानों पर प्रमुख शहरों में स्थित पवित्र नदियों में विसर्जित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में भाजपा व राजग के वरिष्ठ नेता, केंद्र व राज्य सरकारों के मंत्री भी रहेंगे।

जिला व पंचायतों में भी होंगी श्रद्धांजलि सभाएं

अटलजी की याद में 20 अगस्त को शाम चार बजे से साढ़े छह बजे तक दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में सार्वजनिक सर्वदलीय श्रद्धांजलि व प्रार्थना सभा का आयोजन होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न दलों के नेता मौजूद रहेंगे। इसके बाद देश की सभी राजधानियों, जिला मुख्यालयों व पंचायत समितियों में श्रद्दांजलि सभाएं होंगी।