पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी पर मध्य प्रदेश बीजेपी साठ दिनों की कार्य योजना तैयार की जा रही है. इसके तहत पार्टी एक प्रस्ताव केंद्रीय हाईकमान को भेज रहा है, जिसमें अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से जुड़े पहुलओं को दिखाया जाएगा. बीजेपी ने कहा है कि इस यात्रा का उद्देश्य वाजपेयी के जन्म स्थल से लेकर इंदौर, भोपाल, विदिशा समेत सभी 230 विधानसभा सीटों पर अटलजी की स्मृतियों से जुड़े लम्हों को पहुंचाया जाए.

अटल बिहारी वाजपेयी का मध्य प्रदेश की धरती से जन्म का नाता है. उनका जन्म ग्वालियर में 25 दिसंबर 1924 को हुआ था. वाजपेयीजी के तीन भाई और 3 बहन थे. वो अपने मता-पिता की सातवीं संतान थे. उनके पिता पंडित कृष्ण बिहारी वाजपेयी उत्तर प्रदेश के बटेश्वर से मध्य प्रदेश आ गए थे. वो ग्वालियर रियासत में बतौर शिक्षक थे, इसलिए अटल बिहारीजी का लंबा समय या कहें बचपन ग्वालियर में ही गुज़रा.

अटल बिहारी वाजपेयी ने ग्‍वालियर के विक्‍टोरिया कॉलेज से बीए किया. वो शुरू से ही प्रखर थे. भाषण, कविता के शौकीन थे. इसलिए स्टूडेंट्स में भी काफी लोकप्रिय थे. आगे की पढ़़ाई उन्होंने कानपुर से की. अटल बिहारी वाजपेयी खाने-पीने के शौकीन थे. ग्वालियर की कई पुरानी और नामचीन दुकानों से उनकी पुरानी यादें जुड़ी हुई हैं. हालांकि ग्वालियर के आम चुनाव में वो कांग्रेस के प्रत्याशी माधवराव सिंधिया से चुनाव हार गए थे. बाद में 1991 में उन्होंने विदिशा से लोकसभा चुनाव लड़ा, और यहां से सांसद बने.

गौरतलब है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को लंबी बीमारी के बाद 93 साल की उम्र में निधन हो गया. अटल बिहारी वाजपेयी ने एम्‍स दिल्‍ली में आखिरी सांस ली. बीते 11 जून से अटल बिहारी को यूटीआई इंफेक्शन, लोवर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और किडनी संबंधी बीमारियों के कारण एम्स दिल्ली में भर्ती कराया गया था. उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी.