नई दिल्‍ली/देहरादून : पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का शुक्रवार (17 अगस्त) की शाम को राष्‍‍‍‍‍‍ट्रीय स्‍मृति स्‍थल पर हिंदू रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया. वाजपेयी को उनकी दत्‍तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्या ने मुखाग्नि दी. इस दौरान स्‍मृति स्‍थल पर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पक्ष-विपक्ष के सभी बड़े नेता मौजूद रहे. अटल बिहारी वाजपेयी का अस्थि विसर्जन हरिद्वार में होगा. जानकारी के मुताबिक, 19 अगस्त (रविवार) को हरिद्वार में उनकी अस्थियों को प्रभावित किया जाएगा. इसकी तैयारियों में प्रदेश बीजेपी संगठन जुटा गया है. 

बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व भी रहेगा मौजूद 

हर की पौड़ी पर अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों का विसर्जन किया जाना है. इस दौरान परिवार के साथ बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व भी मौजूद रहेगा. अस्थि कलश यात्रा को लेकर बीजेपी प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने शुक्रवार (17 अगस्त) शाम को ही हरिद्वार पहुंचकर स्थानीय वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की. 

प्रदेश महामंत्री को सौंपा व्यवस्थाओं का जिम्मा

बैठक में जिले के 23 मंडलों के अध्यक्ष समेत सभी मोर्चो के जिलाध्यक्ष और जिला बीजेपी के पदाधिकारी शामिल हुए. केंद्रीय हाईकमान ने प्रदेश हाईकमान को शुक्रवार दोपहर में रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि कलश हरिद्वार लाए जाने की जानकारी दी. प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल को हरिद्वार में व्यवस्थाओं का जिम्मा सौंपा गया है. शुक्रवार (17 अगस्त) को हरिद्वार पहुंचे नरेश बंसल ने सीमित समय के अंदर ही स्थानीय नेताओं की बैठक ली. 

16 अगस्त को हुआ था निधन

आपको बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार (16 अगस्त) को शाम को एम्स में निधन हो गया था. एम्स के मीडिया एवं प्रोटोकाल डिविजन की अध्यक्ष प्रो. आरती विज की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि गहरे शोक के साथ हम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की सूचना दे रहे हैं. एम्स के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री का निधन गुरुवार शाम 5 बजकर 5 मिनट पर हुआ. वाजपेयी को 11 जून 2018 को एम्स में भर्ती कराया गया था और डाक्टरों की निगरानी में पिछले नौ सप्ताह से उनकी हालत स्थिर बनी हुई थी. एम्स के अनुसार, दुर्भाग्यवश, उनकी स्थिति पिछले 36 घंटों में बिगड़ी और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया.