(पीटीए) ने गुरुवार को ट्विटर को चेताते हुए कहा, अगर ट्विटर देश के कानूनों का पालन नहीं करता है तो उस पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। पीटीए ने कुछ दिन पहले ट्विटर को अपने प्लेटफार्म से आपत्तिजनक सामग्र्री हटाने का निर्देश दिया था।


पीटीए के निदेशक निसार अहमद ने सीनेट की स्थायी समिति से कहा, "ट्विटर से किए गए करीब सौ आग्रहों में से केवल पांच फीसद पर ही कार्रवाई की गई, बाकी को नजरअंदाज कर दिया गया। हाल में कोर्ट के दिशा-निर्देशों को भी हमने उन तक पहुंचाया। लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला।" पाकिस्तान पहले भी सोशल मीडिया की बड़ी कंपनियों को निशाने पर ले चुका है। पीटीए फेसबुक पर दो बार प्रतिबंध लगा चुका है। पहला प्रतिबंध 2008 और दूसरा 2010 में लगा था। यूट्यूब पर भी दो बार प्रतिबंध लग चुका है।