इन्दौर। वित्तीय वर्ष 19 की पहली तिमाही के लिए स्वचलित राजस्व 4,789 करोड़ पर रहा जो कि पिछले वर्ष की पहली तिमाही की तुलना में 75 प्रतिशत अधिक रहा। वहीं स्वचलित ईबीआइटीडीए 89 प्रतिशत अधिक बढ़कर 1,176 करोड़ हो गया. इस तिमाही के लिए 300 करोड़ से अधिक कैपेक्स- कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत खर्च) के बाद फ्रेश कैश फ्लो 400 करोड़ था।

संयुक्त स्तर पर वित्तीय वर्ष 19 की पहली तिमाही के लिए राजस्व 71 प्रतिशत तक बढ़कर 16,857 करोड़ तक पहुँच गया और ईबीआइटीडीए 33 प्रतिशत बढ़कर 3,212 करोड़ हो गया। वर्तमान तिमाही के परिणामों की पिछले वर्ष की तिमाही के परिणामों से तुलना नहीं है. पिछले वर्ष के परिणामों में पूर्व आदित्य बिरला नुवो लिमिटेड (एबीएनएल) के परिणाम शामिल नहीं थे, जिसका कि 1 जुलाई 2017 के प्रभाव से कम्पनी के साथ विलयन हो गया था। सम्पूर्ण वृद्धि के आधार पर 30 जून 2018 को समाप्त हुई तिमाही के लिए प्रदर्शन शानदार रहा। तिमाही के लिए स्वचलित राजस्व 3,547 करोड़ 29 प्रतिशत अधिक तथा ईबीआइटीडीए 66 प्रतिशत की दर से बढ़ा।

:: विस्कोज व्यवसाय :: 

राजस्व वर्ष 2019 की पहली तिमाही में शुद्ध राजस्व 35 प्रतिशत बढ़कर रूपये 2,480  करोड़ हो गया है और ईबीआइटीडीए 68 प्रतिशत बढ़ने से 586 करोड़ हो गया है। वीएसएफ बिजनेस ने अपनी अधिकतम  त्रैमासिक उत्पादन तथा सेल्स वॉल्यूम क्रमशः 134 केटी तथा 132 केटी दर्ज करवाई। सम्पूर्ण बिक्री में घरेलू बिक्री का हिस्सा वित्तीय वर्ष 18 की पहली तिमाही के 69 प्रतिशत की तुलना में वित्तीय वर्ष 19 की पहली तिमाही में बढ़कर 82 प्रतिशत हो गया। प्रारम्भिक तौर पर यह बढ़ोत्तरी घरेलू बाज़ार के विस्तार के कारण हुई थी जिसमें कम्पनी के इनिशिएटिव ब्रांड लिवा को भी जोड़ा गया था। विभिन्न प्लांट लोकेशंस पर वीएसएफ क्षमता की डीबॉटलनेकिंग प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और इसका प्रभाव वर्तमान तिमाही (वित्तीय वर्ष 19 की पहली तिमाही) की उत्पादन मात्रा पर भी दिखाई दिया है। ग्रेसिम अपनी क्लोज लूप प्रोडक्शन/ यूरोपियन यूनियन बेस्ट अवेलेबल टेक्नोलॉजीस (इयूबीएटी) जैसी तकनीक के जरिये निरंतरता में वैश्विक स्तर पर बेंचमार्क हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। कम्पनी के ओवरसीज पल्प जेसी ने सशक्त पल्प रियलाइजेशन (लुगदी बनाने) तथा लागत में कमी पर लगातार ध्यान रखते हुए संचालन और वित्तीय प्रदर्शन में एक सुधार दर्ज किया है। हाल ही में विलायत नामक स्थान पर की गई 219 केटीपीए ब्राउनफील्ड (जमीन) के विस्तार की घोषणा के अंतर्गत भी कार्य प्रगति पर है। प्रोजेक्ट से संबंधित काम लॉन्ग लीड टाइम इक्वीपमेंट्स के लिए ऑर्डर के साथ प्रारम्भ हुआ है।

:: कैमिकल बिजनेस :: 

भारत में इस तिमाही के दौरान विश्व स्तर पर कास्टिक सोडा के दामों में आंशिक नरमाई आने से कास्टिक सोडा के दाम सामान्य रहे। प्रयोग करने वाले उद्योगों (एल्युमिनियम व टैक्सटाइल) की मांग निरंतर प्रवाहमान बनी हुई है। विलायत (गुजरात स्थित एक गांव) स्थित कास्टिक सोडा ब्राउनफील्ड का विस्तार जो कि 146 केटीपीए तक है, इस तिमाही में  शुरू किया जा चुका है। गतवर्ष की इसी अवधि की तुलना में राजस्व इस तिमाही में 46 प्रतिशत बढ़कर रूपये 1, 579 करोड़ हुआ एवं ईबीआइटीडीए गतवर्ष की इसी अवधि की तुलना में 103 प्रतिशत बढ़कर 495 करोड़ हुई, जिसका कारण बढ़ा हुआ विक्रय रहा। स्पेशियलिटी प्रोडक्ट्स (क्लोरीन आधारित वैल्यू एडेड उत्पादों) की मात्रा को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना निरंतर प्रबंधन का मुख्य लक्ष्य बना हुआ है। बोर्ड द्वारा वर्तमान में कार्यरत विभिन्न प्लांट लोकेशंस के लिए ब्राउनफील्ड में कास्टिक सोडा व स्पेशियलिटी कैमिकल्स की क्षमता में विस्तार की योजना स्वीकार की गई है और इस हेतु कुल 1, 112 करोड़ रूपये का  कैपेक्स भी अपरिहार्य कर दिया गया है। इसके चलते वित्तीय वर्ष 2022 तक कास्टिक सोडा की क्षमता में 14 प्रतिशत की दर से 1,310 केटीपीए का इजाफा होगा। 

:: कैपेक्स प्लान :: 

वीएसएफ तथा कैमिकल बिजनेस दोनों ही में क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 7,500 करोड़ रूपये के कैपेक्स प्लान (स्टैंडअलोन स्तर पर) पर कार्य जारी है। यह योजना विभिन्न प्लांट्स पर मेंटेनेंस के लिए तय की गई कैपेक्स से अलग है। वित्तीय वर्ष 19-वित्तीय वर्ष 21 के दौरान हमारे कैपिटल एक्सपेंडिचर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आंतरिक संग्रहण द्वारा आर्थिक सहायता प्राप्त होगा।

:: सीमेंट सब्सिडियरी-अल्ट्राटेक :: 

अल्ट्राटेक ने समेकित विक्रय में बढ़ोत्तरी दर्शाई है जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 28 प्रतिशत की दर से बढ़कर रूपये 9,021 करोड़ एवं ईबीआईटीडीए वित्तीय वर्ष 2019 की पहली तिमाही में रूपये 1,763 करोड़ हुआ। समेकित बिक्री की मात्रा पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 18.01 एमटीपीए के आधार पर 29 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। योजना तथा व्यवस्था के स्तर पर सेंचुरी टैक्सटाइल्स एन्ड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सीमेंट व्यवसाय का अधिग्रहण, उचित स्वीकृति की प्रक्रिया में है। इस अधिग्रहण के पूर्ण होने तथा क्षमता में जारी विस्तार प्रक्रिया के बाद अल्ट्राटेक की विदेशी क्षमता सहित इसकी कुल क्षमता 111.1 एमएन एमपीटीए तक बढ़ जाएगी। 

:: वित्तीय सेवा प्रदाता- आदित्य बिरला कैपिटल लिमिटेड (एबीसीएल) :: 

वित्तीय वर्ष 19 की पहली तिमाही के लिए राजस्व तथा सकल लाभ 2,978 करोड़ एवं  216 करोड़ पर था, जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में क्रमशः 32 तथा 26 प्रतिशत की वृद्धि थी। इस वृद्धि में सभी प्रमुख व्यवसायों ने योगदान दिया। 

एनबीएफसी की लैंडिंग बुक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक बढ़कर 44,408 करोड़ पर पहुंची। वहीं हाऊसिंग फाइनेंस बुक वित्तीय वर्ष 19 की पहली तिमाही में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.9 गुना यानी 9,176 करोड़ की वृद्धि दर्शाई।  पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में इसके असैट मैनेजमेंट बिजनेस ने एवरेज असैट्स अंडर मैनेजमेंट के साथ 19 प्रतिशत यानी 2, 67, 176 करोड़ रूपये बढ़कर भारत में तीसरी रैंक प्राप्त की। इस बिजनेस ने वित्तीय वर्ष 19 की पहली तिमाही में सम्पूर्ण घरेलू बाज़ार में 1,00, 000 के इक्विटी एयूएम (इन्क्लूसिव अलटरनेट एंड ऑफशोर) पर 10.7 प्रतिशत की हिस्सेदारी दर्ज की। लाइफ इंश्योरेंस बिजनेस ने इंडिविजुअल फर्स्ट ईयर प्रीमियम में 227 करोड़ के साथ 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की. इसने इंश्योरेंस कंपनियों के बीच अपनी निजी रैंक में सुधार करते हुए 2 पायदान आगे चढ़ते हुए 7 वे नंबर पर आने में सफलता पाई। वित्तीय वर्ष 19 की पहली तिमाही में इंश्योरेंस बिजनेस ने 76 करोड़ के ग्रॉस रिटन प्रीमियम दर्ज करवाया। 

:: दृष्टिकोण/आउटलुक :: 

वीएसएफ कारोबार भारतीय बाज़ार में टैक्सटाइल वैल्यू चेन में भागीदारी द्वारा निरंतर कारोबार के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करेगा। इससे लिवा ब्रांड के मार्फत और अधिक अच्छे तरीके से ग्राहकों से सम्पर्क किया जा सकेगा और प्रोडक्ट मिक्स में स्पेशयलिटी फाइबर के बड़े हिस्से के जरिये उत्पाद को और सुधारा जा सकेगा। हालाँकि चीन में नई क्षमताओं का विस्तार हो सकता है जिससे अंतर्राष्ट्रीय वीएसएफ मूल्य प्रभावित हो सकते हैं। हाल में हुए अपनी क्षमता के विस्तार के साथ कैमिकल बिजनेस शानदार वृद्धि का साक्षी बन रहा है. कास्टिक सोडा विस्तार तथा स्पेशियलिटी कैमिकल्स की नई प्रोडक्ट लाइन के लिए बनी नई कैपेक्स योजना से आगे और भी वृद्धि का अनुमान है। सीमेंट के क्षेत्र में सीमेंट उद्योग के सकारात्मक परिवर्तन के दौर से गुजरने के साथ मांग के भरपूर बने  रहने की सम्भावना है। इस संदर्भ में सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर तथा  ग्रामीण विकास हेतु बजट में किया इजाफा, गांवों में मकानों की बढ़ती मांग, खरीफ की फसल के लिए न्यूनतम सहायता मूल्य को बढ़ाने की परिस्थितियां तथा चुनाव के पूर्व किये जाने वाले खर्च, महत्वपूर्ण कारक साबित हुए हैं। ऑर्गेनिक तथा इनऑर्गेनिक मार्ग तथा अपनी त्वरित बढ़त के जरिये कम्पनी द्वारा अधिगृहित अतिरिक्त क्षमताओं के साथ, अल्ट्राटेक अर्थव्यवस्था की वृद्धि में योगदान देने के हिसाब से बहुत अच्छी स्थिति में है। वित्तीय सेवाओं के मामले में, एबीसीएल, जीवन के लिए ग्राहकों की रूपये की आवश्यकता के साथ चलने के लिए सर्वव्यापी वित्तीय समाधान (यूनिवर्सल फाइनेंशियल सॉल्यूशंस) उपलब्ध करवाने में सक्षम स्थिति में है। 'आदित्य बिरला कैपिटल' के सिंगल ब्रांड के अंतर्गत एबीसीएल का ग्राहकोन्मुखी फोकस इसे लीक से हटकर एक गतिवान और अनुशासित विकास का मार्ग प्रशस्त करने में पूर्णतः सक्षम बनाएगा।'