वाशिंगटन। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के पूर्व निदेशक जॉन ब्रेनन पर झूठ बोलने और उनके अनिश्चित आचरण एवं व्यवहार पर दोष मढ़ते हुए उन्हें दी गई सुरक्षा मंजूरी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रद्द कर दिया है। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन में खुफिया एजेंसी के अधिकारी रहे 62 वर्षीय ब्रेनन ट्रंप और उनकी नीतियों के कट्टर आलोचकों में से एक हैं। ब्रेनन 2013 से 2017 तक सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक थे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन के दौरान ट्रंप द्वारा ब्रेनन की सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के ट्रंप के फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि ब्रेनन ने हाल ही में, पूर्व वरिष्ठ अधिकारी की हैसियत से अति संवेदनशील सूचनाओं तक पहुंच बना कर बेबुनियाद एवं अपमानजनक आरोप लगाये, उनके प्रशासन के खिलाफ इंटरनेट एवं टीवी पर निरंकुश आवेग जाहिर करने के लिए अपने दर्जे का फायदा उठाया। ब्रेनन ने ट्वीट कर कहा कि उनकी सुरक्षा मंजूरी को रद्द करने का फैसला ट्रंप द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने और आलोचकों को दंडित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि खुफिया पेशेवरों समेत सभी अमेरिकियों को खुलकर बोलने की कीमत चुकाने को लेकर चिंता करने की जरूरत है। मेरे सिद्धांत सुरक्षा सुविधाओं से कहीं बढ़कर हैं। मेरा रुख नरम नहीं होगा। इससे एक दिन पहले ब्रेनन ने व्हाइट हाउस की पूर्व सहयोगी रही ओमारोसा मेनिगॉल्ट न्यूमैन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए ट्रंप की आलोचना की थी। ट्रंप ने कहा कि ब्रेनन का इतिहास ऐसा रहा है जो उनकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। राष्ट्रपति ने कहा कि वह सरकारी अधिकारियों की गोपनीय सूचनाओं तक पहुंच की समीक्षा कर रहे हैं और राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी के पूर्व निदेशक जेम्स क्लैपर, एफबीआई के पूर्व निदेशक जेम्स कोमे, एनएसए के पूर्व प्रमुख माइकल हेडन, पूर्व कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल सैली येट्स और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुजान राइस और अन्य के खिलाफ कार्रवाई का आकलन कर रहे हैं। ट्रंप ने बयान में कहा, जिनके पास अब भी सुरक्षा मंजूरी है, उनकी मंजूरी रद्द की जा सकती है और जिनकी पहले ही रद्द हो चुकी है वे फिर से उसे बहाल नहीं करवा पाएंगे। इन कार्रवाईयों के जरिए ट्रंप के अपने राजनीतिक आलोचकों को निशाना बनाए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर सैंडर्स ने ‘नहीं’ में जवाब दिया।