वाराणसी भारत का 5000 साल पुराना एक प्राचीन है। गंगा नदी पर बसे इस शहर का जिक्र महाभारत तथा रामायण तक में किया गया है। मगर क्या आप जानते हैं इस प्राचीन शहर ही में 'भारत माता' का इकलौता मंदिर बना हुआ है। जी हां, वाराणसी शहर में ही अनोखा 'भारत माता मंदिर' बना हुआ है, जिसे देखने के लिए विदेशी टूरिस्ट भी आते हैं। आइए जानते हैं इस मंदिर से जुड़ी कुछ खास बातें।

वाराणसी में स्थित इस मंदिर के बीचो-बीच नक्शा बनाया गया है, जिसो संगमरमर के पत्थर पर रखा गया है। अपनी इस अनोखी खासियत के कारण यह मंदिर विदेशी टूरिस्ट की भी पसंद बनता जा रहा है।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर में स्थित इस मंदिर का निर्माण बाबु शिव प्रसाद गुप्ता ने 1918 से 1924 के बीच कराया था। इसका उद्घाटन 25 अक्तूबर,1936 को महात्मा गांधी ने ही किया था। मंदिर के बीचो-बीच संगमरमर के पत्थर पर भारत के साथ बर्मा, अफगानिस्तान, बलूचिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका आदि कई अविभाजित देशों के मानत्रिच बने हुए हैं।

इस मंदिर की खासियत यह है कि इसमें 450 पर्वत श्रृंखलाओं एवं चोटियों, मैदानों, जलाशयों, नदियों, महासागरों और पठारों की ऊंचाई और गहराई के नक्शे भी बने हुए हैं। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस मंदिर को बेहद खास तरीके से सजाया जाता है। इन दिनों में नक्शे में दिखाए गए जलाश्यों में पानी और मैदानी इलाकों को फूलों से सजाया जाता है। अगर आप भी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कहीं जाने की सोच रहे हैं तो यह आपके लिए परफेक्ट जगह है।