नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से होने वाले भाषण को भाजपा देश भर में हर घर तक लेकर जाएगी। इस भाषण में मोदी अपनी सरकार की चार साल की प्रमुख उपलब्धियों के साथ चुनावी लक्ष्यों को देखते हुए अहम लोक कल्याणकारी घोषणाएं कर सकते हैं। लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री का लाल किले से यह आखिरी भाषण होगा।


भाजपा पूरी तरह से चुनावी मोड में हैं और सरकार से लेकर संगठन तक हर मोर्चे पर चुनावी तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस का भाषण इसमें अहम कड़ी होगा। सूत्रों के अनुसार, अपने भाषण में प्रधानमंत्री गरीब, कमजोर, वचिंत, दलित व पिछड़े वर्गों को लेकर अहम घोषणाएं कर सकते हैं, जिनका चुनावी महत्व काफी ज्यादा होगा। भाजपा इस भाषण को पुस्तिकाओं के जरिए और सोशल मीडिया से देश भर में पहुंचाएगी। पार्टी कार्यकर्ता इसके लिए फेसबुक पोस्ट, वाट्सएप के विभिन्न समूहों और ट्विटर लिंक का उपयोग करेगी।


इन मुद्दों का हो सकता है जिक्र

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री अपने भाषण में आयुष्मान भारत योजना को शुरू करने के साथ ही सरकार का रिपोर्ट कार्ड रखेंगे और बताएंगे कि उनकी सरकार के फैसले कितने कारगर सिद्ध हुए हैं। भाषण में आतंकवाद, नक्सली समस्या, महिला सशक्तिकरण खासकर तीन तलाक का मुद्दा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने, एससी-एसटी कानून को मजबूत बनाने के मुद्दों के साथ जम्मू-कश्मीर व पाकिस्तान में सत्ता परविर्तन का जिक्र होने की संभावना है। 


चार राज्यों के चुनाव भी होंगे केंद्र में

लोकसभा का चुनावी माहौल इस साल नवंबर में चार राज्यों के विधानसभा चुनाव से ही शुरू हो जाएगा, जो अगले साल मई में आम चुनावों तक चलेगा। भाजपा की रणनीति लोकसभा चुनावों से पहले चारों राज्यों के विधानसभा चुनाव जीतने की है। इस बीच भाजपा ने हाल में एक निजी चैनल के चुनावी सर्वेक्षण को खास तवज्जो नहीं दी है, जिसमें तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व राजस्थान में उसकी सत्ता खिसकती दिख रही है। पार्टी के एक प्रमुख नेता ने कहा कि भाजपा की रणनीति किसी सर्वे से प्रभावित नहीं होती है। उसे अपनी जीत का पूरा भरोसा है।