कोलकाता, असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का पहला मसौदा जारी होने के बाद उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि जिन लोगों के नाम एनआरसी में शामिल नहीं हो पाए हैं उनपर फर्जी केस दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हे प्रताड़ित किया जा रहा है.


कोलकाता में मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के नाम एनआरसी से बाहर हैं उनके ऊपर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है. वहीं पहले से ही 1200 लोग डिटेंशन कैंप में हैं. ममता ने सवाल किया कि किस उद्देश्य से असम में सुरक्षाबलों की 400 कंपनियां तैनात की गई हैं.


एनआरसी पर बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि यह हिंदू या मुस्लिम का मुद्दा नहीं है. लोगों को उनकी भाषा के आधार पर लिस्ट से बाहर किया है. और बीजेपी के नेता एनआरसी के मसौदे को उचित ठहराते हुए अपनी छाती पीट रहे हैं.


उल्लेखनीय है कि कोलकाता के मेयो रोड में एक रैली को संबोधित करते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी घुसपैठियों को बंगाल और असम में रखना चाहती हैं. शाह ने ममता से सवाल किया था कि वो साफ करें कि उनके लिये देश की सुरक्षा जरूरी है या वोटबैंक.


बता दें कि असम में जारी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के मसौदे से कुल 3.29 करोड़ आवेदकों में से 40 लाख से ज्यादा लोगों को बाहर किए जाने से उनकी नागरिकता को लेकर अनिश्चितता का माहौल खड़ा हो गया था. इसके साथ ही एक राष्ट्रव्यापी राजनीतिक विवाद भी पैदा हो गया. इस मसौदे में 2.89 करोड़ आवेदकों को मंजूरी दी गई है.