नवनिर्वाचित जंदाहा प्रखंड प्रमुख मनीष कुमार सहनी को सोमवार की दोपहर करीब तीन बजे अपराधियों ने गोली मार दी। प्रमुख बीडीओ राहुल कुमार के सरकारी वाहन से वे कहीं से लौटकर आए थे। बीडीओ के वाहन से उतरकर प्रमुख अपने चेंबर में जा रहे थे। इसी बीच घात लगाए अपराधियों ने उनके सीने में दो गोलियां मारीं और बाइक से फरार हो गए। घायल प्रमुख को स्थानीय अस्पताल में इलाज के बाद सदर अस्पताल रेफर किया गया। समर्थक उन्हें लेकर हाजीपुर के गणपति अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 


मालूम हो कि प्रमुख के अविश्वास प्रस्ताव के बाद दो अगस्त को चुनाव हुआ था, जिसमें प्रमुख मनीष सहनी ने पूर्व प्रमुख जय शंकर चौधरी को आठ मतों से हराया था। प्रमुख ने तीन दिन पहले ही कार्यालय का उद्घाटन किया था। समाचार लिखे जाने तक बवाल थमा नहीं था।


हत्या की खबर आग की तरह फैली

जंदाहा प्रमुख की हत्या की खबर जिले में आग की तरह फैल गई। गुस्साए समर्थकों ने पूरे जंदाहा बाजार में जगह-जगह टायर जलाकर रास्तों को जाम कर दिया। आक्रोशितों ने ब्लॉक में जमकर तोड़फोड़ की। बीडीओ के चेंबर और थाने में भी आग लगाने की कोशिश की गई। बेकाबू भीड़ को थाने की ओर बढ़ता देख पुलिस ने हवाई फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच फायरिंग होने लगी। गोलीबारी में सात लोग जख्मी हो गये, जिनमें दो की हालत नाजुक है। उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया गया। पांच अन्य घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थानीय लोगों ने लगभग 100 राउंड फायरिंग की बात बताई है।


जिलाधिकारी राजीव रोशन ने बताया, 'अंचल कार्यालय में आगजनी का प्रयास कर रही भीड़ को तितर-वितर करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की है। उपद्रवियों ने सरकारी संपत्ति को जलाने का प्रयास किया तब पुलिस को गोली चलानी पड़ी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए महुआ के एसडीओ को जंदाहा में तुरंत धारा 144 लागू करने आदेश दिया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसबी की टुकड़ी भी भेजी गई है।'

घटनास्थल पर पहुंची कई थानों की पुलिस 

घटना की सूचना पर भारी पुलिस बल जंदाहा पहुंच गई। एसएसबी की एक टुकड़ी भी भेजी गई। करीब आधा दर्जन थानों की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। एसडीपीओ मालती कुमारी घटनास्थल पर मौजूद थीं। शाम तक जंदाहा की स्थिति पुलिस के नियंत्रण से बाहर रही। वहीं नर्सिंग होम से प्रमुख का शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया। मौत की सूचना पर सदर अस्पताल में जिले के कई जनप्रतिनिधि पहुंच गए।