पुराणों और धार्मिक शास्त्रों में हमारे जीवन से जुड़े कई सूत्रों को बताया गया है। इन सूत्रों और नियमों के आधार पर अगर हम जीवन जिएं तो निश्चित ही हमारे कई कष्ट अपने आप दूर हो जाएंगे। गरुड़ पुराण में पत्नी, सच्चे मित्र और सही नौकर के बारे में कुछ ऐसी बातें बताई गई हैं, जिनसे यह तय होता है कि उनका साथ हमारे लिए हितकर है या नहीं….

कहते हैं कि दुनिया में सभी रिश्ते हमें जन्म के साथ मिल जाते हैं, बस मित्रता का रिश्ता ही एक ऐसा रिश्ता होता है, जिसे हम खुद बनाते हैं। ऐसे में दोस्त बनाते समय खासी सतर्कता बरतनी चाहिए। अगर आपका दोस्त दूसरों के साथ गलत व्यवहार करता है, धोखा देता है या अन्य बुराइयों में लिप्त है तो आपको ऐसे मित्र का साथ तुरंत छोड़ देना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि जिस मित्र की आदत ही धोखा देने या नुकसान पहुंचाने की हो वह किसी भी समय आपके साथ भी ऐसा ही कर सकता है।

पति-पत्नी का रिश्ता सनातन धर्म में सात जन्मों का रिश्ता बताया गया है। अगर पति-पत्नी के बीच विश्वास और सम्मान का रिश्ता न हो तो जीवन कष्ट पूर्ण हो जाता है। अगर आपका पति या पत्नी आपका सम्मान न करे और अन्य स्त्री या पुरुषों में आसक्त रहे तो आपको उसे सही राह पर लाने का प्रयास करना चाहिए। यदि आपको उसमें सुधार न दिखाई दे तो ऐसे रिश्तों से दूर रहना बेहतर है। क्योंकि भगवान विष्णु ने गरुड़ को बताया था कि इस विचारधारा का जीवनसाथी कभी भी अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए आपको मुसीबत में धकेल सकता है।

घर या व्यवसाय के काम में सहयोग के लिए नौकर रखने का प्रचलन काफी पुराना है। नौकर हम रखते तो सिर्फ काम करने के लिए हैं, लेकिन हर समय घर और परिवार के बीच रहने के कारण, वे हमारे परिवार की अंदरूनी बातें और राज जान जाते हैं। ऐसे में उनकी हरकतों और हाव-भाव पर पूरी नजर रखनी चाहिए। यदि आपका कोई भी नौकर आपसे वाद- विवाद करे या आपको उसकी गतिविधियों पर शक हो तो पूरी छानबीन करने के बाद स्थिति संतोषजनक न लगे तो उससे तुरंत दूरी बना लें। गरुड़ पुराण के अनुसार, ऐसे नौकर कभी भी आपके लिए मुसीबत का कारण बन सकते हैं।

ऐसे महिला-पुरुष जो अपने जीवनसाथी के मान-सम्मान का ध्यान न रखें। दूसरों के सामने उसे नीचा दिखाए। अपने साथी का अपमान करें और परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन न करें। ऐसे स्त्री या पुरुष से जितनी जल्दी संभव हो दूरी बना लेनी चाहिए। क्योंकि ऐसे व्यक्ति की संगत से आप कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगे। वह नियमित रूप से आपके लिए मुसीबतें खड़ी करते रहेंगे और आप उनसे उलझने में ही जीवन कीमती समय बर्वाद करते रहेंगे।

पति जो अपनी पत्नी की आवश्यकताओं का ध्यान न रखे। विनम्र, परिवार का ध्यान रखनेवाली और कम बजट में भी घर चलानेवाली पत्नी को अपमानित करे, माता-पिता का अनादर करे, ऐसे पति के साथ और सास-ससुर का आदर न करनेवाली, बिना बात कड़वे शब्द बोलनेवाली, परिवार की तरक्की का ध्यान न रखनेवाली पत्नी के साथ जीवन सुखमय नहीं रहता है।