मध्य प्रदेश में जबलपुर के शासकीय आईटीआई कॉलेज में एक नया घोटाला सामने आया है, जिसमें इंजीनियरिंग ड्राॅइंग का सेकेंड सेमेस्टर का पेपर लीक हो गया है. शनिवार की सुबह 9 बजे पेपर होना था और आरोप है कि कुछ लोग रात 11 बजे से इसी पेपर की फोटोकॉपी लेकर घूम रहे थे.


आरोप है कि 5-5 हजार रूपए में कॉलेज के बाहर छात्रों को ये पेपर बेच दिए गए. वहीं NSUI कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे इसके सबूत इकट्ठा करने के लिए रात भर इंतजार करते रहे कि सुबह पेपर शुरू होने के बाद वे कक्षा में जाकर इसका मिलान करेंगे और यदि यही पेपर होगा तो वे इसे रद्द करवाने का प्रयास करेंगे.


दरअसल एनएसयूआई प्रवक्ता सचिन रजक के हाथ यह लीक हुआ पेपर लग गया और वह इसे लेकर सुबह-सुबह कॉलेज पहुंच गए, जहां क्लास में जाकर कॉलेज द्वारा छात्रों को दिए गए पेपर से इसका मिलान किया जो हू ब हू एक जैसा ही था. इसके बाद से वह पेपर रद्द करवाने के लिए कॉलेज के बाहर ही धरने पर बैठ गए.


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सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस भी पहुंच गई जिसने उन्हें कॉलेज के बाहर ले जाने का प्रयास किया लेकिन वे पेपर रद्द करवाने की जिद पर अड़ गए. इस दौरान पुलिस ने उन्हें जबरन बाहर करने का प्रयास किया जिसमें दोनों पक्षों में तीखी बहस भी हुई.


इसके बाद पुलिस ने उन्हें जबरन पकड़कर कॉलेज गेट के बाहर कर दिया. एनएसयूआई ने कॉलेज प्रबंधन पर भ्रष्टाचार करने और पेपर लीक करने के आरोप लगाए हैं.