केरल में भारी बारिश और भूस्लखन के चलते शुक्रवार को दो और लोगों की मौत हो गई। इससे मरने वालों की कुल संख्या 30 हो गई है। वहीं पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण करीब 54,000 लोग बेघर हो गए हैं। राज्य में दो दिनों से भारी बारिश की वजह से कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है और बाढ़ की समस्या उत्पन्न हो गई है। इससे पूरे राज्य में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। इस बीच इडुक्की जलाशय से और अधिक पानी छोड़ने की संभावना के मद्देनजर इडुक्की और उसके नजदीकी जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। 


वहीं राज्य के उत्तरी जिलों में गुरुवार रात से सेना के पांच कॉलम की तैनाती की गई है। कोझिकोड और वायनाड़ में कई स्थानों पर फंसे लोगों को निकालने के लिए कई छोटे पुलों का निर्माण किया गया है। पेरियार नदी में पानी के बढ़ते स्तर और कोच्चि के बैकवॉटर्स से घिरे वेलिंगडन द्वीप के हिस्सों के डूब में आने की आशंका को देखते हुए भारतीय नौसेना ने दक्षिण नौसेना कमान को अलर्ट पर रखा है। वहीं कई स्थानों पर सड़कों के धंसने के बाद जिले में पर्यटकों के प्रवेश को भी रोक दिया गया है।

 

केरल के आपदा नियंत्रण कक्ष के सूत्रों ने बताया कि बचाव अभियान में शामिल आपदा प्रबंधन बल और अग्निशमन दल ने पुलिस और स्थानीय लोगों की सहायता से मलप्पुरम एवं इडुक्की जिलों से एक-एक शव बरामद किया है। उन्होंने बताया कि इडुक्की क्षेत्र में भारी बारिश के बाद इडुक्की बांध में जलस्तर बढ़ने पर राज्य विद्युत बोर्ड ने बांध के दो और कपाटों को खोल दिया है। केरल के विद्युत मंत्री एमएम मणि ने बताया कि बांध से पानी छोड़े जाने के कारण जिन इलाकों में बाढ़ के हालात बने हैं वहां के लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। 


मुन्नार में 50 पर्यटक फंसे

केरल के इडुक्की जिले में मुन्नार स्थित रिजॉर्ट में 50 से ज्यादा पर्यटक पिछले दो दिनों से फंसे हुए हैं, जिनमें 24 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन की चपेट में आने से रिजॉर्ट जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि विदेशी पर्यटकों में रूस, सऊदी अरब और ओमान समेत कई देशों के पर्यटक शामिल हैं। केरल के पर्यटन मंत्री कदकम्पल्ली सुरेंद्रन ने कहा कि मुन्नार के पल्लीवासल में प्लम जुडी रिजॉर्ट के सभी पर्यटक सुरक्षित हैं। राज्य सरकार ने सेना से सड़क को ठीक करने के लिए कहा है।


मुख्यमंत्री ने बाढ़ का जायजा लिया 

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शुक्रवार सुबह बाढ़ के हालात का जायजा लिया। सेना, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक बल और एनडीआरएफ राहत कार्य में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते जल स्तर को देखते हुए, जितना पानी छोड़ा जा रहा है, उससे तीन गुना अधिक पानी छोड़ने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने 12 अगस्त तक अपने सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। वहीं केरल के राजस्व मंत्री ई. चंद्रशेखरन ने कोच्चि के नजदीक अलुवा में समीक्षा बैठक के बाद कहा कि राज्य सरकार पूरी स्थिति पर अपनी नजर बनाए हुए है और लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है। सरकार ने बाढ़ प्रभावित 10 हजार लोगों को 157 शिविरों में स्थानांतरित कर दिया है।