रायपुर : बांग्लादेशी घुसपैठियों की वजह से जहां पूरे देश में आंतरिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है, वहीं रायपुर शहर में बाहर से आए संदिग्ध चेहरों की तस्दीक का कोई खास सिस्टम नहीं बन सका है। रैपिड एक्शन फोर्स द्वारा पांच साल पहले तैयार किए गए रिपोर्ट में खतरे को लेकर आगाह करने के बावजूद पुलिस व प्रशासन बाहरी लोगों की तस्दीक करने फुर्ती नहीं दिखा पा रहा है।

इसका खमियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ सकता है। हर महीने हजारों की संख्या में विदेशी नागरिकों की आवाजाही रायपुर में तय होने के बाद गुपचुप तरीके से बसाहट की खबरें बेचैनी बढ़ाने वाली हैं। बता दें कि कुछ महीने पहले ही थाईलैंड से टूरिस्ट वीजा की परमिट पर आए करीब 21 लोगों के गैर कानूनी तरीके से संदिग्ध कारोबार करने का खुलासा हो चुका है, जबकि बांग्लादेशी घुसपैठिए चोरी, डकैती जैसी वारदात को अंजाम दे चुके हैं। बहुत ही आसानी से शहर में पैठ जमाई है।

टूरिस्ट वीजा रखने वाले कारोबार करते पकड़े जा चुके हैं। जब क्वीक इंडिया नोटिस तक जारी करना पड़ा है। संवेदनशील विषय पर पुलिस व प्रशासन की अनदेखी से खतरा बढ़ सकता है। क्वीक इंडिया नोटिस देकर करना पड़ा बाहर 2017 में स्पा सेंटरों में संदिग्ध कारोबार की सूचना पर पुलिस ने राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में छापा मारा।

21 विदेशी युवतियां संदिग्ध हालत में पकड़ी गई। जांच करने पर उनके पास टूरिस्ट वीजा मिला। तस्दीकी में पता चला सभी स्पा सेंटर चला रही थी, जबकि पार्टनरशिप में तक सेंटर खोल रखा था। टूरिस्ट वीजा उल्लंघन पर रायपुर पुलिस ने क्वीक इंडिया नोटिस जारी कर सभी को शहर से बाहर भेजा।

नाइजीरियन गिरोह भी पकड़ाया

इस साल क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में नाइजीरियन गिरोह का भी नेटवर्क भी तोड़ा है, जो दिल्ली में बैठकर रायपुर में आर्थिक अपराध को अंजाम दे रहे थे। जांच में खुलासा हुआ है ये गिरोह लंबे समय से देश की राजधानी दिल्ली में पैठ जमाए हुए थे। फोन, ऑनलाइन ठगी के लिए पूरे देश में जाल बुना