भोपाल: एक मूक बधिर आदिवासी युवती की शिकायत पर पुलिस ने भोपाल के एक छात्रावास संचालक को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया है. इस बीच कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस छात्रावास को शासन से अनुदान प्राप्त होता था. इसके साथ ही कांग्रेस ने प्रदेश के सभी छात्रावासों का सोशल ऑडिट कराने की मांग की है. भोपाल पुलिस उपमहानिरीक्षक धमेन्द्र चौधरी ने गुरुवार को बताया, ‘‘मूलत: धार जिले की रहने वाली एक युवती की शिकायत पर पुलिस ने भोपाल के छात्रावास संचालक अश्विनी शर्मा को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया है.’’


छात्रावास में तीन साल से रह रही है युवती

उन्होंने बताया कि पुलिस को की गई शिकायत में युवती का आरोप है कि वह राजधानी के एक छात्रावास में पिछले तीन साल से रह रही है. इस दौरान छात्रावास के संचालक अश्विनी शर्मा ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया. चौधरी ने कहा कि युवती धार जिले की रहने वाली है और वहां अपने घर जाने के बाद उसने पुलिस में इस मामले की शिकायत दर्ज करवाई. पुलिस ने आरोपी शर्मा को आईपीसी की 376, 354, 344, 504 और एसटी-एससी अधिनियम की सम्बद्ध धाराओं में गुरुवार को गिरफ्तार किया है.


आरोपी करता है दो छात्रावास संचालित

वहीं, पुलिस महानिरीक्षक मकरंद देउस्कर ने बताया कि पुलिस द्वारा इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि आरोपी छात्र और छात्राओं के लिये अवधपुरी इलाके में दो छात्रावास संचालित करता था. उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस छात्रावास में रहने वाली अन्य छात्राओं से भी विस्तृत पूछताछ करेगी.’’ इस बीच, प्रदेश कांग्रेस मीडिया सेल की अध्यक्ष शोभा ओझा ने दावा किया कि आरोपी शर्मा के इस छात्रावास को सरकार से अनुदान प्राप्त होता है. इसके साथ ही ओझा ने कहा कि प्रदेश सरकार को प्रदेश में चल रहे सरकारी और अनुदानप्राप्त आश्रय स्थलों एवं छात्रावासों की सोशल आडिट करानी चाहिए.

कांग्रेस ने बीजेपी पर उठाए सवाल

ओझा ने कहा, ‘‘अवधपुरी के छात्रावास की घटना बिहार के मुजफ्फरपुर और देवरिया में हुई घटनाओं के समान है. यह चौंकानेवाली घटना है क्योंकि मूकबधिर बच्चियां भी छात्रावासों में सुरक्षित नहीं है.’’ उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में पिछले 15 साल के भाजपा शासन काल में बलात्कार की वारदातों में 532 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है और प्रदेश सरकार इन्हें रोकने में नाकाम रही है.