हत्या के दर्ज आरोप का मुद्दा उठाकर सिंधिया ने अरुणोदय का नाम रोका

कांग्रेस के संजय सिंह के नाम की चर्चा

नई दिल्ली । मध्यप्रदेश कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं कमलनाथ एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच एक नया पेंच खुरई विधानसभा की टिकट का जुड़ गया है। फ़िलहाल यह सीट भाजपा के कद्दावर नेता और प्रदेश के गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह के पास है। इस सीट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की पसंद अरुणोदय चौबे बताये गये हैं जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीना के अपने समर्थक कांग्रेसी नेता संजय सिंह का नाम आगे बढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार पार्टी ने अरुणोदय के खिलाफ दर्ज हत्या के प्रकरण के कारण ज्योतिरादित्य की अनुशंसा पर ध्यान दिया है। 

मिली जानकारी के अनुसार संजय का नाम फाइनल हो सकता है।

यूं तो कांग्रेस, शिवराज सिंह मंत्रिमंडल में शामिल सभी सदस्यों के खिलाफ मजबूत उम्मीदवार की तलाश कर रही है लेकिन गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह की सागर क्षेत्र अंतर्गत खुरई विधानसभा सीट से सबसे कद्दावर चेहरे को तलाशा जा रहा है। 

बताया जाता है कि इसके पीछे पिछले दिनों गृहमंत्री द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और एम.पी. कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया के ऊपर सुरक्षा के नाम पर फेंका गया पांसा है जिसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई दी थी। इसी दांव से तिलमिलाई कांग्रेस ने खुरई सीट पर अपनी पकड़ का आंकलन किया है।

 सूत्रों की माने तो राज्य सरकार द्वारा बावरिया को सुरक्षा मुहैया कराने के संबंध में गृहमंत्री के प्रस्ताव के बाद खुरई सीट की समीक्षा की गई।  यहां कांग्रेस के पास पूर्व से ही तय कमलनाथ समर्थक अरुणोदय चौबे की प्रबल दावेदारी बताई गई थी लेकिन ऎन मीटिंग के दौरान ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चौबे के नाम पर कड़ी आपत्ति दर्ज करा दी। उनका तर्क था कि चौबे के खिलाफ हत्या का संगीन आरोप दर्ज है और उन्हें टिकट देने से बेहद गलत संदेश जाएगा। उन्होंने इस सीट के लिए अपने खास समर्थक संजय सिंह का नाम आगे बढ़ा दिया है। 

करीबी सूत्रों की माने तो म.प्र. कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ,  संजय सिंह के नाम पर सहमत नहीं थे लेकिन अरुणोदय के खिलाफ गंभीर अपराध कायम होने की वजह से वे उनका अधिक बचाव नहीं कर सके। इसी के नतीजतन सिंधिया समर्थक संजय सिंह ने बाजी मार ली। अब कांग्रेस इस सीट पर फतह हासिल करना चाहती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर खुरई में कौन किसके मुकाबले में आता है।