आपके 200 और 2000 रुपये के गंदे और कटे-फटे नोट बदलने का रास्ता साफ हो गया है। वित्त मंत्रायल ने इस बारे में रिजर्व बैंक के मसौदे को हरी झंडी दे दी है। इसके लिए जल्द ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। 


वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार हिंदुस्तान को बताया कि रिजर्व बैंक ने हमारे पास कटे-फटे और गंदे नोट बदलने के आरबीआई (नोट रिफंड) रूल्स 2009 में बदलाव का प्रस्ताव भेजा था, उसे मंजूरी देकर रिजर्व बैंक के पास भेज दिया गया है। जल्द ही नए नियम जारी कर दिए जाएंगे, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी। मौजूदा नियम के अनुसार, अभी केवल 1, 2, 5, 10, 20, 50, 100, 500, 1000 रुपये के नोट बदलने का ही प्रावधान था।

 

रिजर्व बैंक के सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद  मसौदे को रिजर्व बैंक के बोर्ड के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा। रिजर्व बैंक के पूर्व निदेशक विपिन मलिक ने बताया कि रिजर्व बैंक के बोर्ड की मंजूरी के बाद 200 और 2000 रुपये के नोट बदलने का रास्ता साफ हो जाएगा। 


कोई प्रावधान नहीं था

कानून में ऐसा कोई प्रावधान हीं था जिसके आधार पर बैंक 2000 और 200 रुपये के गंदे, पुराने या फटे नोट बदल सकें।  नोट बदलने का कानून आरबीआई एक्ट की धारा 28 के अंतर्गत आता है। इसमें नोटबंदी के पहले जैसे ही कटे फटे या गंदे नोट बदलने की इजाजत थी। नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक ने अब तक इसमें कोई भी संशोधन नहीं किया था। अब नए मसौदे में संशोधन कर 200 और 2000 रुपये के नोट बदलने के प्रावधान को जोड़ दिया गया है। 


इसलिए पड़ी जरूरत 

दो हजार रुपये के नोट नवंबर 2016 को नोटबंदी लागू होने के बाद जारी किए गए थे जबकि 200 रुपये का नोट सितंबर 2017 के बाद जारी हुआ है। देश भर में बड़ी तादाद में लोग इस बात को लेकर काफी परेशान हैं कि नोट नहीं बदले जा रहे हैं। बैंक भी कानून न होने की वजह से लोगों के नोट नहीं बदल पा रहे हैं। कानून में बदलाव होने के बाद लोगों को राहत मिल सकेगी।  


बैंक अभी नहीं ले रहे हैं नोट 

दो हजार का नोट जारी हुए करीब डेढ़ साल से ज्यादा हो गए हैं। दो हजार और 200 के नोटों का भी रंग उतरने, कटने-फटने के बाद कई शहरों में शिकायतें आई थीं कि बैंक इन्हें बदल नहीं रहे हैं। बैंकों का कहना है कि उनके पास आरबीआई से इसकी इजाजत ही नहीं है। इससे छोटी पूंजी से लेकर बड़ा कारोबार करने वाले भी परेशानी झेल रहे थे। 


वरिष्ठ उपाध्यक्ष एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन राजेन्द्र अवस्थी ने बताया कि दो हजार और दो सौ के खराब नोट बदलने के लिए रोजाना विभिन्न शाखाओं में सैकड़ों लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन आरबीआई के निर्देशों की वजह से बैंक मजबूर हैं। इससे आए दिन बैंक शाखाओं में ग्राहकों के साथ तीखी नोकझोंक हो रही है। यह मामला दिन-प्रतिदिन गंभीर होता जा रहा है।