इंदौर. यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में जारी सानंद समूह की मराठी नाट्य प्रतियोगिता में बुधवार की शाम नाटक कोर्ट मार्शल का मंचन हुआ। ये नाटक स्वदेश दीपक के लिखे मूल हिन्दी नाटक का मराठी अनुवाद है। इसे नटरंग उत्सव के कलाकारों ने पंकज वागले के निर्देशन में पेश किया। पंकज वागले ने इसमें मुख्य भूमिका भी निभाई और साथ ही इस कोर्टरूम ड्रामा को नीरस होने से भी बचाए रखा। प्रतियोगिता में ये पहला मौका है जब हिन्दी नाटक का मराठी रूपांतरण प्रस्तुत किया।


कोर्ट मार्शल की कहानी के केन्द्र में सेना का जवान रामचंद्र है, जिसके कोर्ट मार्शल पर ये नाटक है। रामचंद्र अपने दो अफसरों पर गोली चला देता है, जिनमें से एक की मौत हो जाती है। उस पर सैन्य अदालत में हत्या का मुकदमा चलता है। शुरुआत में रामचंद्र दोषी लगता है। वह अपने बचाव में कुछ बोलता भी नहीं है पर मामले में मोड़ तब आता है, जब पक्ष रखने के लिए वकील के रूप में कैप्टन बिकाश राय अदालत में आता है। कैप्टन बिकाश राय पूरे मुकदमे का रुख ही मोड़ देता है। वह केस का पूरा अध्ययन करता है और अदालत में एेसे सवाल उठाता है कि परत दर परत हकीकत सामने आती जाती है। उसके तर्क अकाट्य होते हैं। वह एेसे सवाल पूछता है जो अटपटे तो लगते हैं पर उनसे ही सच्चाई सामने आती है। राय ये सिद्ध कर देता है कि रामचंद्र ने जिन अफसरों को गोली मारी वे दोनों जातिवादी थे। वे रामचंद्र को उसकी नीची जाति को लेकर ताने देते थे। रोज उसका अपमान करते थे। सेना का जवान होने के बावजूद उससे घरेलू काम करवाते थे। एक दिन जब अपमान की हद पार हो गई, तब उसने गोली चलाई।


मूल नाटक पूरी तरह अदालत के कमरे में ही चलता है पर लगातार एक ही दृश्य होने की एकरसता से बचने के लिए निर्देशक पंकज वागले ने कहानी के कुछ दृश्यों को मंच पर पेश भी किया। उन्होंने रामचंद्र द्वारा गोली चलाने, एक अफसर का उसकी पत्नी के साथ झगड़ा, पार्टी का दृश्य आदि मंच पर पेश किए। कैप्टन बिकाश राय की भूमिका में पंकज वागले ने प्रभावित किया। अन्य भूमिकाओं में थे, पीयूष केंदुरकर, अमोल श्रीखंडे, प्रवीण दामले, प्रमोद रिसवुड, अविनाश शिवाणकर आदि।


आज का नाटक


'डैडी आई लव यूÓ का मंचन होगा। थिएटर ग्रुप सार्थक की इस प्रस्तुति का निर्देशन सतीश मुंग्रे ने किया