भारतीय महिला हॉकी टीम गुरुवार को लंदन में चल रहे वर्ल्ड कप के दौरान इतिहास नहीं दोहरा सकी। भारतीय टीम पैनल्टी शूटआउट में आयरलैंड के हाथों क्वार्टरफाइनल में 1-3 से हारकर बाहर हो गई। फुल टाइम खत्म होने तक  दोनों टीमें एख भी गोल स्कोर नहीं कर पाईं थी, इसलिए मैच शूटआउट में चला गया।


शूटआउट में भारतीय कप्तान रानी रामपाल, मोनिका और नवजोत कौर गोल करने में नाकाम रहीं। शूटआउट में भारत की तरफ से एकमात्र गोल रीना ने किया। हालांकि भारतीय गोलकीपर ने आयरलैंड को पहले दो प्रयास में गोल नहीं दागने दिया था। लेकिन फिर बाकी की तीन गोल करने में आयरलैंड की टीम कामियाब रही। आयरलैंड की क्लो वाटकिंस ने पांचवें प्रयास में जैसे ही सविता को पराजित किया, आयरलैंड का पूरा खेमा खुशी से झूम उठा। आयरलैंड ने इस जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बना ली है, जहां उसका मुकाबला चार अगस्त को स्पेन से होगा।

गौरतलब है कि भारत के पास इस मैच को जीतकर पिछले 44 साल में पहली बार विश्वकप सेमीफाइनल में जगह बनाने का एक मौका था, लेकिन वह मैच हार गया। भारतीय टीम इस साल राष्ट्रमंडल खेलों में ओलंपिक चैंपियन इंग्लैंड से हारकर चौथे स्थान पर रही थी। भारत को अब 18 अगस्त से इंडोनेशिया में शुरू होने वाले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से उतरना होगा ताकि उसे सीधे ही 2020 के टोक्यो ओलंपिक का टिकट मिल सके। भारतीय टीम 1974 के विश्वकप में चौथे स्थान पर रहने के बाद 1978 में सातवें, 1983 में 11वें, 1998 में 12वें, 2006 में 11वें और 2010 में नौंवें स्थान पर रही थी।