भोपाल। पहले फोटोग्राफी फिर पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त का कारोबार कर रहे युवक की महत्वाकांक्षा ने उसे शॉर्ट कट से अधिक मुनाफा कमाने के लालच में धकेल दिया। फोटो एडिटिंग के हुनर का इस्तेमाल कर वह कलर प्रिंटर से नकली करंसी बनाकर चलाने भी लगा। घर के एक कमरे में महज 10 हजार रुपए खर्च कर उसने नोट बनाने का 'कारखाना"बना लिया। वह सिर्फ तीन रुपए के खर्च में 50 रुपए का नकली, लेकिन हूबहू असली जैसा नोट बनाने भी लगा था,लेकिन पुलिस के मुखबिर तंत्र ने उसे दबोच लिया। फिलहाल वह जेल में है।


ऐशबाग थाना प्रभारी अजय नायर ने बताया कि लक्ष्मीगंज गल्ला मंडी निवासी अंकित अहिरवार (23) ने 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद वह त्रिलंगा कॉलोनी में एक फोटो स्टूडियो में काम करने लगा। वहां पर कंप्यूटर से फोटो एडिटिंग में एक्सपर्ट हो गया। कुछ दिनों पहले अधिक पैसा कमाने के लिए उसने पुरानी कारें खरीदने का काम शुरू किया। रंगरोगन करने के बाद वह मुनाफे पर कार बेच देता था। लेकिन यह धंधा भी उसे रास नहीं आया।


उसके शातिर दिमाग में ने फोटोग्राफी के पेशे में हासिल किए हुनर से नकली करंसी तैयार करने का ख्याल आया। अंकित ने 10 हजार रुपए में कलर प्रिंटर और 500 रुपए में बेहतर कागज लेकर काम को अंजाम देना शुरू कर दिया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि 50 का एक नकली नोट बनाने में उसे महज तीन रुपए का खर्च आता था।


50 का नोट आसानी से खप जाता था


अंकित का हुनर देखकर पुलिस भी हैरान है। वह पचास रुपए के एक तरफ का प्रिंट निकालने के बाद दूसरी तरफ का प्रिंट इतनी सफाई से उसी पेपर पर निकालता था कि एक माइक्रो मिमी तक का फर्क नहीं पड़ता था। इसके बाद कटर से तैयार हो चुके नकली नोट की इतनी सफाई से कटाई करता था कि नकली नोट को उलट-पलट कर देखने के बाद भी शक की गुुंजाइश न के बराबर रहती थी। पूछताछ में अंकित ने बताया कि महंगाई बढ़ने के कारण लोग सिर्फ बड़े नोट को ही बारीकी से परखते हैं। 50 रुपए को उतनी तवज्जो नहीं दी जाती। इसका फायदा उठाते हुए वह 50 रुपए का नकली नोट बाजार में खपाने लगा था।


एजेंट रखना पड़ा महंगा


बाजार में नोट चलाने में कामयाब होने पर अंकित को अधिक मुनाफे का लालच आ गया। उसने अपने गोरखधंधेे की बात मोहल्ले में रहने वाले दीपक (19) से की लेकिन उनकी इस डील की भनक ऐशबाग थाना में पदस्थ एसआई नीलेश अवस्थी को लग गई। उन्होंने दीपक और अंकित को नकली करंसी व नोट बनाने के सामान सहित पकड़ लिया। आरोपितों को नकली करंसी तैयार कर बाजार में चलाने के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।