नई दिल्ली,  अविश्वास प्रस्ताव से ठीक पहले बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर चुटकी लेते हुए एक ट्वीट कर दिया है. गिरिराज ने ट्वीट में लिखा है-  भूकंप के मज़े लेने के लिए तैयार हो जाइए.  


गिरिराज के इस ट्वीट को राहुल गांधी के उस बयान से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें राहुल ने कहा था कि अगर उन्हें संसद में 15 मिनट बोलने दिया जाए तो भूकंप आ जाएगा.  


अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सभी पार्टियों के लिए वक्त मुकर्रर कर दिया गया है. यह वक्त तय किया गया है संख्या बल के हिसाब से. ऐसे में 44 सीटों वाली कांग्रेस के खाते में आए हैं 38 मिनट.


बीते दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर मैं 15 मिनट संसद में भाषण दूं तो प्रधानमंत्री मेरे सामने खड़े नहीं हो पाएंगे. गिरिराज के ट्वीट को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है.  


कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी,  ज्योतिरादित्य सिंधिया और सदन में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे प्रस्ताव पर बोल सकते हैं. वहीं सदन में बहुमत वाली सत्तारूढ़ बीजेपी को चर्चा में तीन घंटे और 33 मिनट का समय दिया गया है.

पीएम ने किया था पलटवार

राहुल गांधी के 15 मिनट मांगने वाले बयान का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पलटवार किया था. प्रधानमंत्री ने कर्नाटक के चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि 'कांग्रेस अध्यक्ष ने मुझे चुनौती दी है कि अगर वह 15 मिनट संसद में बोलेंगे तो मैं वहां बैठ नहीं पाऊंगा, लेकिन वह अगर 15 मिनट बोलेंगे यह भी बड़ी बात है और मैं बैठ नहीं पाऊंगा तो मुझे याद आता है कि क्या सीन है.'


प्रधानमंत्री ने तंज करते हुए कहा था कि हम कांग्रेस के अध्यक्ष के सामने नहीं बैठ सकते हैं, आप नामदार हैं हम कामदार हैं. हम तो अच्छे कपड़े भी नहीं पहन सकते हैं, आपके सामने कैसे बैठेंगे. उन्होंने कहा कि राहुल बिना कागज के 15 मिनट केवल बोलकर दिखाएं. राहुल गांधी 15 मिनट में केवल 5 बार विश्वेश्वरैया का नाम लेकर दिखाएं.


बता दें कि बुधवार को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने तेलुगू देशम पार्टी के सांसदों की तरफ से दिए गए अविश्वास प्रस्ताव की स्वीकार कर लिया था. टीडीपी के अलावा वाईएसआर कांग्रेस भी इस प्रस्ताव का समर्थन कर रही है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस, एआईएडीएमके, एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी ने भी अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने की घोषणा की है. मोदी सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव है.