मुझे मोबाइल पर कॉल करने वाला नक्सली नेता गणपति नहीं था। मुझे ट्रैप करके फंसाने की साजिश हुई है। यह दावा है कि पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल का। इनका सीधे तौर पर कहना है कि अभी तक अजीत जोगी के समर्थक उन्हें फंसाने के लिए शिकायत करते रहे हैं और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जांच कराते रहे हैं। बघेल ने आशंका जताई है कि इस साजिश में भी इन दोनों के अलावा तीसरा कोई और नहीं हो सकता है।


पीसीसी अध्यक्ष ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि पिछले दिनों कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने झीरम कांड को लेकर बयान दिया, उसके बाद नक्सली नेता के नाम से कॉल आना, कई शंकाओं को जन्म देता है। बघेल ने कहा कि वे नहीं मानते कि उन्हें गणपति ने कॉल किया था। इसमें भाजपा सरकार की साजिश है।


बघेल का कहना है कि अंतागढ़ में प्रत्याशी खरीदकर, ईओडब्ल्यू में मां, पत्नी समेत उनके खिलाफ एफआइआर करके, उनके परिवार की जमीन नापकर, कोर्ट के आदेश को पलटकर निजी जमीन को सरकारी बनाने का आदेश और अश्लील सीडी कांड, इन सभी में उन्हें फंसाने की साजिश हुई है। बघेल ने कहा कि ऐसी साजिशों से वे और कांग्रेस न डरेंगे, न झुकेंगे और न ही रुकेंगे। 2018 में जीतकर सरकार बनाएंगे।

कोई ब्रह्मास्त्र काम नहीं आने वाला


भूपेश ने ट्वीटर पर लिखा है कि इस बार हम चक्रव्यूह भी तोड़ेंगे और अभिमन्यु जीतेगा भी। कोई ब्रह्मास्त्र काम नहीं आने वाला है। - गृह विभाग, सीआरपीएफ

बीएसएफ में भी करेंगे शिकायत


बघेल का यह भी कहना है कि ये मजाक का मामला नहीं है। रिस्क नहीं लेना चाहते, क्योंकि कांग्रेस के नेता नक्सलियों के टारगेट में रहे हैं। झीरम कांड में पहली पंक्ति के नेता मारे गए। इस कारण केंद्रीय गृह विभाग, सीआरपीएफ डीजी और बीएसएफ से भी शिकायत की जाएगी।