बीएसपी से गठबंधन के बाद अब क्या मध्यप्रदेश में समाजवादी पार्टी से भी कांग्रेस हाथ मिलाने जा रही है. संकेत कुछ ऐसे ही मिल रहे हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ 19 जुलाई को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलने वाले हैं. दोनों की ये मुलाक़ात भोपाल में होने वाली है. कमलनाथ आज शाम भोपाल पहुंच रहे हैं और अखिलेश यादव गुरुवार सुबह आएंगे. दोनों की गुरुवार को मुलाक़ात होने की ख़बर है.


अखिलेश यादव, प्रदेश के वेटरन कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ कु़रैशी से भी मिलेंगे. दोनों की 20 जुलाई को मुलाक़ात तय है. बाद में वो पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव के साथ लंच करेंगे. अखिलेश यादव के इस दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में भारी गहमागहमी है.


हाल ही में कांग्रेस ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीएसपी से गठबंधन किया है. बीएसपी के असर वाले इलाकों में कांग्रेस ने 26 सीटें उसे दी हैं. कांग्रेस की कोशिश यही है कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी के ख़िलाफ पड़ने वाले वोट ना बंट सकें. बीएसपी के बाद अब समाजवादी पार्टी के नेता से ये मुलाक़ात यही संदेश दे रही है. प्रदेश में पिछड़े वर्ग के 52 फीसद वोट हैं. मध्य प्रदेश में 35 सीटें एससी औऱ 47 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं. ज़ाहिर है  कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही इन्हें अपने साथ करने में जुटी हैं.   भले ही समाजवादी पार्टी पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदेश में विधानसभा की एक भी सीट ना जीत पायी हो, लेकिन इतने बड़े वोट बैंक को कांग्रेस नज़रअंदाज़ करने के मूड में नहीं हैं. उसकी नज़र 2019 के आम चुनाव के लिए  महा गठबंधन करने पर भी है.


कमलनाथ की अखिलेश यादव से प्रस्तावित मुलाकात ने बीजेपी को परेशान कर दिया है.बीजेपी के रथ को रोकने के लिए घुर विरोधी सपा-बसपा उत्तरप्रदेश में पहले ही हाथ मिला चुके हैं.