नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) द्वारा स्टील और एल्यूमिनियम आयात पर लगाए शुल्क के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में रूस की शिकायत मामले में तीसरे पक्ष के रूप में जुड़ने का इरादा जाहिर किया है। रूस ने इस मामले में डब्ल्यूटीओ से विवाद का निपटारा करने का आग्रह किया है। संगठन को लिखे पत्र में भारत ने कहा है कि स्टील और एल्यूमिनियम सेक्टर से उसके व्यापक कारोबारी हित जुड़े हुए हैं।

 

डब्ल्यूटीओ ने कहा कि रूस ने अमेरिका द्वारा चुनिंदा स्टील और एल्यूमिनियम उत्पादों के आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के खिलाफ शिकायत की है। शिकायत का आधार यह है कि अमेरिका द्वारा आयात शुल्क में डब्ल्यूटीओ के कई सदस्यों को छूट दी गई है, जबकि कई देशों को मनमर्जी से इस दायरे में लाया गया है। संगठन के मुताबिक रूस की इस शिकायत में भारत ने उसका साथ देने की इच्छा जाहिर की है।

 

गौरतलब है कि भारत स्टील और एल्यूमिनियम पर आयात शुल्क के अमेरिकी फैसले के खिलाफ इस वर्ष मई में डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करा चुका है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष अमेरिका को स्टील और एल्यूमिनियम निर्यात के मामले में भारत का 10वां स्थान था।

 

अमेरिकी आयात शुल्क को चीन ने दी चुनौती

 

अमेरिका द्वारा 200 अरब डॉलर मूल्य के अतिरिक्त सामानों पर आयात शुल्क को चीन ने सोमवार को डब्ल्यूटीओ में चुनौती दी है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से जारी एक पंक्ति के बयान में इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा गया है। जानकार चीन के इस कदम को आश्चर्यजनक रूप से तेजी से उठाया गया कदम मान रहे हैं, क्योंकि उसके अतिरिक्त सामानों पर अमेरिकी आयात शुल्क सितंबर से पहले लागू नहीं होने वाला है।

 

अमेरिकी कारोबारी प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने कहा था कि इससे पहले अमेरिका ने चीन से 34 अरब डॉलर मूल्य के आयात पर शुल्क लगाया था। उसके जवाब में चीन ने इतने ही मूल्य के अमेरिकी आयात पर शुल्क लगा दिया। अमेरिका द्वारा नया शुल्क चीन की उसी जवाबी कार्रवाई का जवाब है। चीन की मजबूरी यह है कि अमेरिका से उसके आयात की मात्रा इतनी नहीं है कि वह चाहकर भी उसका जवाब दे सके। हालांकि एक हालिया सर्वे में यह बात सामने आई है कि कुछ अमेरिकी उत्पादकों को चीन और अन्य देशों से गहराते ट्रेड वार का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस बीच, यूरोपीय यूनियन ने अमेरिका, चीन, यूरोप और रूस को मिलकर कारोबारी विवादों का समाधान करने की अपील की है।