नई दिल्ली, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी ने सोमवार को कार बनाने वाली जर्मन कंपनी फोक्सवैगन को यह बताने का निर्देश दिया है कि वह प्रदूषण फैलाने वाली 3.23 लाख कारों को वापस क्यों नहीं ले रही है। साथ ही इसके लिए क्यों कंपनी के खिलाफ कार्रवाई न की जाए। एनजीटी ने यह निर्देश तब दिया, जब बताया गया कि कंपनी ने 64 फीसदी कारों को वापस लिया है और 36 फीसदी प्रदूषण फैलाने वाली वाहन अभी भी सड़कों पर हैं। 


इससे पहले फोक्सवैगन के सीईओ मेट्टियास म्यूलर ने डीजल कारों से होने वाले प्रदूषण से संबंधित जांच में धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद अपनी पहली अमेरिका यात्रा के दौरान इस गड़बड़ी के लिए माफी मांगी। यह मामला सितंबर, 2015 में सामने आया था।


जर्मन कार कंपनी प्रमुख म्यूलर ने डेट्रॉयट ऑटो एक्सपो के मौके पर कहा था कि हम जानते हैं कि हमने यहां अमेरिका में अपने ग्राहकों, जिम्मेदार सरकारी संस्थाओं और आम जनता को बेहद निराश किया है। उन्होंने कहा, 'फोक्सवैगन में जो हुआ उसके लिए मैं माफी मांगता हूं।' उन्होंने वादा किया कि वाहन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी हालात ठीक करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्घ है।