मध्य प्रदेश में पिछले पंद्रह साल से सत्ता से बाहर चल रही कांग्रेस ने प्रदेश में चुनाव की सरगर्मियां तेज कर दी हैं. कांग्रेस ने चुनाव में बसपा के साथ गठबंधन तय कर लिया है. कांग्रेस राज्य में बीएसपी को 26 सीटें देने को राजी हो गई है, जबकि 204 सीटों पर कांग्रेस खुद अपने प्रत्याशी उतारेगी.


दिल्ली में राहुल गांधी से गठबंधन को लेकर मिली हरी झंडी के बाद कमलनाथ ने बसपा सुप्रीमो मायावती से मिलकर सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा की है. बताया जा रहा है कि बसपा विंध्य, बुंदेलखंड, चंबल में अपने प्रभाव वाली सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी.


प्रदेश में बसपा के प्रभाव वाले क्षेत्र


मध्य प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी का विंध्य, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल संभाग में प्रभाव है. साल 2013 के चुनाव में बसपा के खाते में चार सीटें गई थी. इसमें 62 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां बीएसपी को दस हजार और 17 सीटों पर तीस हजार वोट मिले थे.


इससे पहले मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बसपा के गठबंधन को लेकर कई बयान सुनने को मिले थे. कुछ दिनों पहले बसपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रहे नर्मदा प्रसाद अहिरवार ने कहा था कि अभी गठबंधन को लेकर कांग्रेस से कोई बात नहीं चल रही है. हालांकि मायावती और राहुल गांधी की मीटिंग के बाद अब प्रदेश में गठबंधन की स्थिति लगभग स्पष्ट हो गई है.


पिछले चुनाव में स्थिति

मध्य प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा को 6.29 फीसदी वोट मिले थे और पार्टी ने कुल चार सीटें जीती थीं. वहीं, भाजपा को 44.88 फीसदी वोट, कांग्रेस को 36.38 फीसदी वोट मिले थे. चुनाव में राज्य की 230 विधानसभा सीटों में भाजपा ने 165, कांग्रेस ने 58 सीटें जीती थीं.