रायपुर। त्रेता युग के श्रवण कुमार का सम्मान तो नहीं हो पाया था, लेकिन रविवार शाम मैग्नेटो मॉल में कलयुग के श्रवण कुमार का सम्मान बुजुर्गों की चौपाल नामक संस्था ने किया। इस सम्मान के हकदार बने अनुपम नगर में रहने वाले अजय गुप्ता। अजय बताते हैं कि वे अपने माता-पिता का ख्याल एक छोटे से बच्चे की तरह रखते हैं।


छह सदस्यीय अजय के परिवार में माता-पिता, वे, उनकी पत्नी और दो बच्चे रहते हैं। अजय अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र हैं। उनकी तीन बहने हैं, जो अपने घर-परिवार में रहती हैं। उन्होंने कहा कि वे सुबह की चाय से शाम की दवाई सब चीजें माता-पिता को अपनी देखरेख में देते हैं। साथ माता-पिता द्वारा जताई गई हर इच्छा को सबसे पहले पूरा करने की कोशिश करते हैं।


ऐसे रखते हैं माता-पिता का ख्याल


अजय के पिता पेशे से डॉ. हैं। 86 साल की उम्र में आज भी मरीजों का इलाज करते हैं। सुबह चाय के बाद अजय माता-पिता दोनों को दवाइयां इसके बाद वे पिता के साथ अपने खुद के मेडिकल स्टोर आते हैं। शाम के दोपहर दो तीन बजे के आसपास पिता के साथ ही घर वापस लौट जाते हैं। शाम के वक्त फिर पिता के साथ मेडिकल स्टोर आते हैं। रात का खाना माता-पिता के साथ खाने के बाद उन्हें दवाई देकर सुला देते हैं। अजय का मानना है कि उनके साथ की वजह से माता-पिता बिल्कुल स्ट्रेस में नहीं आते हैं।


संस्था ने अजय को सोशल मीडिया के जरिए खोजा


बुजुर्गों की चौपाल संस्था के संयोजक जेएस ठाकुर बताते हैं कि हमारी संस्था ऐसे लोगों को जो अपने माता-पिता की सेवा श्रवण कुमार के जैसे करते हैं, उन्हें चुनकर सम्मानित करेगी। संस्था वाट्सअप और फेसबुक के माध्यम से ऐसे लोगों तलाश की जाती है। इसकी जानकारी आम लोगों से प्राप्त की जाती है।


जिन लोगों के नाम सामने आते हैं, उनकी संस्था द्वारा गठित पांच सदस्यीय टीम नजर रखती है। उसके कामकाज, माता-पिता की सेवा किस तरह करते हैं इन सारी चीजों पर काफी लम्बे समय तक नजर रखी जाती है।


इसके बाद कई लोगों पर पदाधिकारियों से चर्चा कर एक व्यक्ति का नाम सम्मानित करने के लिए सुझाया जाता है। एक निश्चित तारीख को उस व्यक्ति का सम्मान पूरे परिवार से समने किया जाता है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में महापौर प्रमोद दुबे, विशिष्ट अतिथि के रूप में आरडीए अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, मदरसा बोर्ड राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त मिर्जा एजाज बेग सहित अन्य लोग मौजूद थे।