मेरठ बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी को कुल सात गोलियां लगी थीं। इनमें से छह शरीर के आर-पार हो गईं और एक गोली शरीर में धंसी रह गई। शरीर में 13 निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। डॉक्टरों का दावा है कि बजरंगी को पिस्टल सटाकर नहीं, बल्कि मामूली दूरी से खड़े होकर गोलियां मारी गईं।


मुन्ना बजरंगी की हत्या के तीन दिन बाद पोस्टमार्टम की रिपोर्ट गुरुवार को सार्वजनिक हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, मुन्ना बजरंगी के शरीर पर गोलियों के कुल 13 निशान पाए गए हैं। इसमें सात निशान गोलियां धंसने और छह निकलने के हैं। चार गोलियां छाती और तीन गोलियां सिर पर मारी गईं। बजरंगी की मौत के बाद पिटाई की जो चर्चाएं चल रही थीं, उस पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने विराम लगा दिया। रिपोर्ट में गोलियों के अलावा अन्य किसी तरह की चोट का कोई निशान नहीं है। तीन डॉक्टरों के पैनल ने दो बजे पोस्टमार्टम शुरू किया और साढ़े चार बजे समाप्त हो गया।


रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्टमार्टम शुरू होने से आठ घंटे पहले यानि सुबह तकरीबन छह बजे बजरंगी की मौत हुई। कुल मिलाकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट से वही बात सामने आई है जिसका पुलिस अधिकारी दावा कर रहे थे। बजरंगी को किस बोर के कारतूस लगे, इसका जिक्र डॉक्टरों ने रिपोर्ट में नहीं किया है। 

बता दें कि पुलिस को मौके से कुल दस खोखे और 22 कारतूस मिले थे। अब संभावना जताई जा रही है कि बजरंगी को मारी गईं तीन गोलियां मिस हो गईं। 


दस गोली लगी, आरोपों की जांच जारी : एडीजी

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार के बयान में विरोधाभास है। एडीजी का कहना है कि मुन्ना बजरंगी को दस गोली लगने की जानकारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी उनके सामने नहीं आई है। जिस सुनील राठी पर गोली मारने का आरोप है, वह पहले से ही जेल में है। उसने हत्या क्यों की, इसको लेकर जांच चल रही है। विभिन्न बातें सामने आई हैं, लेकिन अभी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। घटना में बड़ी साजिश का शक मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने जताया है और उनके आरोपों को भी मुकदमे में शामिल कर विवेचना कराई जा रही है। 


कहां गई एसटीएफ की गोली

वर्ष 1998 में दिल्ली में एसटीएफ की मुन्ना बजरंगी से मुठभेड़ हुई थी। इसमें बजरंगी को सात गोलियां लगी थीं। बावजूद इसके वह बच गया था। परिजनों ने बजरंगी का ऑपरेशन नहीं कराया था और सभी गोलियां शरीर में ज्यों की त्यों रह गई थीं। उस वक्त की एसटीएफ टीम में शामिल रहे कुछ अफसर दावा कर रहे थे कि ये गोलियां अभी तक बजरंगी के शरीर में मौजूद थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुरानी किसी भी गोली का जिक्र नहीं है।


पीएम के बाद नहीं देखी रिपोर्ट : आईजी 

आईजी रामकुमार वर्मा ने कहा कि जांच बागपत से चल रही है। बागपत ही बता सकता है। पीएम के बाद वाली रिपोर्ट अभी तक मेरे सामने नहीं आई है। यह हत्याकांड सुबह के समय हुए आपसी झगड़े के कारण अंजाम दिया गया है। जो सभी के सामने है और पूरे मामले की विवेचना बागपत से चल रही है। बागपत से रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा। 



आखिर क्या है मुन्ना बजरंगी की हत्या का सच

बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या लेकर लगातार अनेक सवाल उठ रहे हैं। इसमें बड़ी साजिश के आरोप लगाए जा रहे हैं। मुन्ना बजरंगी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई, लेकिन अभी तक हत्या का सच सामने नहीं आ सका है। कोई भी अधिकारी इस बारे में खुलकर कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है। बस विवेचना जारी रहने की बात कह रहे हैं।


अभी विवेचना में कोई नई बात नहीं : एसपी बागपत

एसपी बागपत जयप्रकाश ने कहा कि इस मामले में अभी विवेचना चल रही है और उसमें अभी कोई नई बात सामने नहीं आई है। उसके शरीर पर सात निशान गोली के मिले हैं। 


जवाब ढ़ूंढते सवाल

मुन्ना बजरंगी को कितनी गोलियां लगीं?

कौन से बोर की थीं गोलियां?

सुनील राठी ने मुन्ना को क्यों मारा?

हत्याकांड में कितने हथियारों का प्रयोग हुआ?

हत्याकांड को अकेले सुनील राठी ने अंजाम दिया या कोई और भी शामिल था?