बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाले शिवराज के राज में एक होनहार बेटी को सरकार से तोहफ़े में मिला लैपटॉप चलाना महंगा पड़ गया. छात्रा के घर में एक बत्ती कनेक्शन है. उसने लैपटॉप चलाया तो बिजली विभाग ने बिजली चोरी का केस बनाकर 13 हज़ार रुपए का जुर्माना ठोक दिया.


सतना ज़िले के बिरसिंहपुर में रहने वाली साक्षी के पिता फुटपाथ पर सब्जी बेचते हैं. कच्चा मकान ढह गया है. सरकार से 1 लाख रुपए मिले हैं जिससे नया मकान बनना है. 7 लोगों का परिवार है. बच्चों को पढ़ाना मुश्किल है. ऐसे हालात में होनहार साक्षी ने 12वीं क्लास में 87 प्रतिशत अंक हासिल किए.मुख्यमंत्री मेधावी छात्र योजना के तहत साक्षी को लैपटॉप के लिए 25,000 रुपए मिले तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठा. लेकिन अब पूरा परिवार शर्मसार है. घर में एक बत्ती कनेक्शन है. इससे लैपटॉप चलाया तो बिजली विभाग ने बिजली चोरी का मामला बना दिया और 13 हज़ार रुपए का नोटिस थमा दिया. पूरा परिवार अब बिजली चोरी के केस में फंस गया है. दरअसल साक्षी ने इस लैपटॉप के ज़रिए ज़रूरतमंदों की मदद की. और बदले में कुछ पैसे भी कमा लिए. इसलिए साक्षी अब मुख्यमंत्री को लैपटॉप वापस करना चाहती है. 19 जुलाई को मुख्यमंत्री बिरसिंहपुर जन आशीर्वाद यात्रा लेकर आ रहे हैं. साक्षी अपने पिता के साथ जाकर मामा को लैपटॉप वापस करना चाहती है.


बहरहाल जिस लैपटॉप के ज़रिए पढ़ाई करके साक्षी सिविल सेवा में जाने का सपना संजोए हुए थी, वही लैपटॉप उसे इतना मानसिक तनाव दे रहा है कि साक्षी अब पढ़ाई से ही तौबा करना चाहती है.