पूरे देश में ट्रैफिक पुलिस की तरफ से कड़ाई से नियमों का पालन कराए जाने के बावजूद सड़क दुर्घटनाओं के मामले में अव्वल है और हर साल यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। लेकिन, जब आप हादसे की पड़ताल करेंगे तो पता चलेगा कि ज्यादातर मामले की वजह है ड्राईवर का फोन पर गाड़ी चलाते समय बातें करना।  

 


ज्यादातर घटनाएं सड़कों पर अनुशासनहीनता के चलते होती है। जिसका परिणाम है कानून प्रवर्तन एजेंसियों की तरफ से कानून का और सख्ती से पालन कराने के लिए नए विकल्पों की तलाश जैसा कि उत्तराखंड में बाइक सवारों के लिए किया गया है।

 


उत्तराखंड हाई कोर्ट ने परिवहन विभाग को निर्देश दिया है जिसके बाद वहां पर गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना लोगों को महंगा पड़ सकता है। ऐसा करने पर अब पुलिस कम से कम 24 घंटे के लिए उनका मोबाइल जब्त कर लेगी। । गौरतलब है कि पिछले महीने हाई कोर्ट ने गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर ड्राइविंग लाइसेंस तुरंत रद्द करने का निर्देश दिया था।

 


लेकिन, हाल के अपने एक आदेश में हाई कोर्ट ने गाड़ी चलाते समय बात करने पर वैध रसीद के साथ अस्थाई तौर पर 24 घंटे के लिए मोबाइल फोन जब्त करने का निर्देश दिया। हाई कोर्ट ने इसके लिए परिवहन विभाग को अधिकृत किया है।