संजू के बाद अब संजय दत्त की कहानी उन्हीं के शब्दों में किताब में पढ़ने को मिलेगी. दरअसल, संजय दत्त ने अपनी आत्मकथा लिखने का फैसला लिया है, जि‍से वे अगले साल अपने जन्मदिन (29 जुलाई) पर रिलीज करेंगे.


इस ऑटोबायोग्राफी को संजय हार्पर कॉलिन्स के सहयोग से प्रकाशित करेंगे. संजय दत्त के जीवन पर आधारित एक फिल्म 'संजू' भी हाल ही में रिलीज हुई थी. आत्मकथा में संजय की पेशेवर उपलब्धियों के अलावा उनके जीवन के उतार-चढ़ावों को भी लिया जाएगा.

संजय ने एक बयान में कहा, "मैंने एक असाधारण जीवन जिया है जो उतार-चढ़ाव, सुख और दुख से भरा है. मेरे पास आपको बताने के लिए कई रोचक कहानियां हैं जो मैंने आज से पहले कभी नहीं बताईं. मैं अपनी यादें और एहसास आपसे बांटने के लिए बहुत उत्साहित हूं."

उनकी कहानी मीडिया तथा अन्य लेखकों द्वारा लेखकों ने कई बार बताई है, लेकिन यह पहली बार है जब संजय रॉकी में पदार्पण के समय उनकी मां नरगिस दत्त को खोने के समय की स्थिति, नशे से लड़ाई, कई महिला मित्रों से अलगाव, कानून का सामना और जेल के अलावा पिता सुनील दत्त से नजदीकी, प्रसिद्धि, शरीर, बड़े पर्दे पर वापसी और पारिवारिक जीवन पर खुलकर बताएंगे.


प्रकाशक 'हार्पर कॉलिन्स इंडिया' के अनुसार, पाठक किताब पढ़ने के बाद संजय की आत्मा से रूबरू होंगे. संजय दत्त की बायोपिक 'संजू' ने बॉक्स ऑफिस पर अब तक 250 करोड़ रुपयों का कारोबार कर लिया है. फिल्म में संजय दत्त का किरदार रणबीर कपूर ने निभाया है.