शराबबंदी कानून में संशोधन को बुधवार को राज्य कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। संशोधन विधेयक विधानमंडल के मानसून सत्र में पेश होगा। विधानमंडल से पारित कराने के बाद संशोधन कानून लागू होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दी गई।

 

बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने इसकी जानकारी दी। वहीं, जानकारी के अनुसार शराबंदी कानून के तहत सामूहिक जुर्माना को खत्म किया जाएगा। साथ ही मकान-वाहन की जब्ती के कानून को भी शिथिल किया जाएगा। 


शराबबंदी कानून के तहत होने वाली सजा की अवधि को भी कम किया जा सकता है। चूंकि इससे संबंधित विधेयक विधानमंडल के आगामी सत्र में पेश होना है, लिहाजा आधिकारिक तौर पर कानून में किये गये संशोधन के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। 

यह भी बताया जा रहा है कि इस कानून के कुछ अन्य प्रावधानों में भी फेरबदल होगा। 


कानून के दुरुपयोग के मामलों को रोकने के लिए भी आवश्यक बदलाव किए गए हैं। कोई किसी को शराबबंदी कानून के तहत झूठे आरोपों में नहीं फंसा सके, इसका इंतजाम नये कानून में होगा। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कई बार अपने भाषण में कह चुके हैं कि संशोधन को लेकर लोगों की राय ली गई है। राय के आधार पर भी कुछ संशोधन होंगे।