जशपुर मध्य प्रदेश में जहां नाबालिग से दुष्कर्म के दोषियों के लिए फांसी की सजा तय कर दी गई है। वहीं पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में दुष्कर्म पर जश्न मनाया गया है। पूरे गांव ने मटन की दावत चखी है।


मानवता को शर्मसार कर देने वाली यह घटना छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य जिले जशपुर से आई है। 


जशपुर के मनोरा ब्लाक के एक गांव में दो नाबिलग और एक बालिग लड़की के साथ दरिंदों ने दुष्कर्म किया। बाद में मामले को रफा दफा कर दिया गया। बात पुलिस तक देर से पहुंची।


गांव वालों ने पंचायत स्तर पर दोषियों को सजा सुना दी। पंचायत ने दुष्कर्म के आरोपियों के परिवार से करीब 30 हजार रूपए वसूले और इस पैसे से ग्रामीणों ने मटन की दावत की।


मनोरा विकासखंड की रेमने पंचायत में बीते दिनों तीन लड़कियां नीजि काम से घर से बाहर गई थी। इसमें एक लड़की बालिग और दो बच्चियां नाबालिग थीं। रास्ते में तीनों के साथ गांव के ही कुछ युवकों ने दुष्कर्म किया।


तीनों लड़कियां देर रात तक घर नहीं पहुंची तो घरवाले उन्हें खोजने के लिए निकले। घरवालों को आरोपी युवक लड़कियों के साथ आपत्तिजनक स्थिति में मिले। लोगों को देखकर आरोपी वहां से फरार हो गए।


आरोपियों के खिलाफ पीड़ित पक्ष जब मुकदमा दर्ज कराने थाने जा रहा था तो पंचायत के सदस्यों ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। पंचायत ने पीड़ित पक्ष से कहा कि वे पुलिस के बजाय पंचों से न्याय मांगे।


आरोपियों को उनके किए सजा दिलाने के लिए जब पंचायत बैठी तो गांव के ज्यादातर लोग वहां मौजूद थे।


पंचायत ने पीड़ित परिवार को 30 हजार रूपए देने का फैसला सुनाया गया। आरोपी के पिता से वसूली की गई। पूरी रकम में से कुछ पैसों से मटन खरीदकर पूरे गांव द्वारा जश्न मनाया गया।


बाकि बचे हुए पैसों को आपस में बांट लिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।