भोपाल। रेलवे ने ट्रेन में डॉक्टर परामर्श शुल्क पांच गुना बढ़ा दिया है। यानी ट्रेन में तबीयत खराब हुई और रेलवे डॉक्टरों को बुलाया तो 100 रुपए शुल्क देना होगा। अभी तक यह शुल्क 20 रुपए था। रेलवे बोर्ड ने मंगलवार को शुल्क में बढ़ोतरी की है।


हालांकि अभी तक रेलवे डॉक्टर द्वारा मरीज को देखने के बाद भी इस मामूली शुल्क की मांग नहीं करता था इसलिए यात्रियों को लगता था कि रेलवे मुफ्त में उन्हें डॉक्टर उपलब्ध कराता है।


रेलवे बोर्ड ने सालों पहले डॉक्टर परामर्श शुल्क 20 रुपए तय किया था। यह दर अभी तक लागू थी। मंगलवार को इसमें बढ़ोतरी करते हुए रेलवे बोर्ड के ट्रांसफार्मेशन एक्जीक्युटिव डायरेक्टर राजेश गुप्ता ने सभी जीएम को इसके आदेश जारी कर दिए हैं।


ट्रेनों में सफर के दौरान अकसर यात्रियों की तबीयत खराब होती है। कई मामलों में तय समय पर इलाज नहीं मिलने से यात्रियों की मौत तक हो चुकी है। इसके बाद से रेलवे में स्थाई रूप से मेडिकल सुविधा की मांग उठती रही है, लेकिन रेलवे ने इस तरफ ध्यान देने और मेडिकल सुविधा बढ़ाने के बजाय परामर्श शुल्क में पांच गुना तक बढ़ोतरी कर दी।


यात्री और रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति सदस्य शुल्क बढ़ोतरी से नाराज हैं। भोपाल रेल मंडल के रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति के सदस्य पंकज चतुर्वेदी का कहना है कि रेलवे को ट्रेन में इलाज की सुविधा बढ़ानी थी न की शुल्क। रेलवे ने इलाज की सुविधा तो बढ़ाई नहीं, परामर्श शुल्क जरूर बढ़ा दिया है जो आम यात्रियों के साथ एक तरह का धोखा है।