बेंगलुरु, हाल की त्रासदियों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने अमरनाथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा अगले वर्ष के लिए स्थगित करने की सलाह दी है.
श्री श्री रविशंकर ने एक बयान जारी कर सलाह दी है कि भारी बारिश और भूस्खलन के चलते पवित्र गुफा तक जाने वाले बालटाल और पहलगाम दोनों मार्ग बाधित हो चुके हैं जिसके निकट भविष्य में यात्रा के लिए उपयुक्त होने की संभावना नहीं है. लिहाजा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालू अगले वर्ष के लिए अपनी यात्रा स्थगित कर दें.
आपको बता दें कि आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सदस्य भी हैं का कहना है कि श्राइन बोर्ड के चेयरमैन गवर्नर एन एन वोहरा और सीमा सुरक्षा बल के अध्यक्ष द्वारा हर संभव प्रयासों के बावजूद यात्रा के दोनों मार्ग बाधित हैं जिनके निकट भविष्य सुधरने की संभावना कम है. लिहाज़ा वे तीर्थयात्री जो पहले से ही वहां पहुंच चुके हैं, उबेंगलुरु, हाल की त्रासदियों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने अमरनाथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा अगले वर्ष के लिए स्थगित करने की सलाह दी है.
श्री श्री रविशंकर ने एक बयान जारी कर सलाह दी है कि भारी बारिश और भूस्खलन के चलते पवित्र गुफा तक जाने वाले बालटाल और पहलगाम दोनों मार्ग बाधित हो चुके हैं जिसके निकट भविष्य में यात्रा के लिए उपयुक्त होने की संभावना नहीं है. लिहाजा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालू अगले वर्ष के लिए अपनी यात्रा स्थगित कर दें.
आपको बता दें कि आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सदस्य भी हैं का कहना है कि श्राइन बोर्ड के चेयरमैन गवर्नर एन एन वोहरा और सीमा सुरक्षा बल के अध्यक्ष द्वारा हर संभव प्रयासों के बावजूद यात्रा के दोनों मार्ग बाधित हैं जिनके निकट भविष्य सुधरने की संभावना कम है. लिहाज़ा वे तीर्थयात्री जो पहले से ही वहां पहुंच चुके हैं, उन्हे अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. इसलिए श्रद्धालू एक बार फिर अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार करें और अपने घर या स्थान से ही शिव का ध्यान करें.
गौरतलब है कि मौसम की खराबी के बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालुओं के जम्मू पहुंचने का सिलसिला जारी है. अमरनाथ यात्रा में पवित्र गुफा का दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा सोमवार को एक लाख का आंकड़ा पार चुका है. यात्रा 28 जून से शुरू हुई थी, जो 26 अगस्त रक्षा बंधन के दिन संपन्न होगी.  
न्हे अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. इसलिए श्रद्धालू एक बार फिर अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार करें और अपने घर या स्थान से ही शिव का ध्यान करें.
गौरतलब है कि मौसम की खराबी के बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालुओं के जम्मू पहुंचने का सिलसिला जारी है. अमरनाथ यात्रा में पवित्र गुफा का दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा सोमवार को एक लाख का आंकड़ा पार चुका है. यात्रा 28 जून से शुरू हुई थी, जो 26 अगस्त रक्षा बंधन के दिन संपन्न होगी.