मंदसौर गैंगरेप केस में पुलिस ने आरोपियों के ख़िलाफ चालान पेश कर दिया है. वारदात के 14 दिन के अंदर पुलिस ने चालान पेश किया. विशेष न्यायाधीश की अदालत में पॉक्सो एक्ट के तहत सुनवाई की जाएगी. एसआईटी ने फॉरेंसिक रिपोर्ट भी पेश की है. सागर फॉरेंसिक लेबॉरेटरी में जांच हुई. वहां से रिपोर्ट आते ही पुलिस ने चालान के साथ रिपोर्ट भी पेश कर दी.


एसआईटी ने चालान, भौतिक साक्ष्यों के साथ और भी कई बिन्दुओ को जोड़ाहै. आरोपियों के बालों का सेम्पल, सीसीटीवी फुटेज ओर वीडियो ग्राफी भी  कोर्ट में  पेश की.


मंदसौर में 27 जून को 8 साल की बच्ची गैंगरेप की शिकार हुई थी. स्कूल की छु्टटी होने के बाद बच्ची अपने पिता का इंतज़ार कर रही थी. उसी दौरान इरफान और आसिफ नाम के आरोपियों ने मिठाई का लालच देकर उसे अगवा कर लिया था. बाद में दोनों आरोपी पकड़ लिए गए.


गैंगरेप की शिकार बच्ची की हालत नाज़ुक थी. उसे तत्काल मंदसौर से इंदौर के एम वाय अस्पताल रैफर किया गया था. वहां बच्ची की जान बचाने के लिए उसकी आंत काटना पड़ी थी. एमवाय के डॉक्टरों के साथ दिल्ली के एम्स से आए डॉक्टरों की टीम ने उसका बेहतर इलाज किया. बच्ची की सेहत में अब काफी सुधार है. वो खिलौनों और मोबाइल पर गेम खेलती है. दो दिन से वो अपने घर लौटने की ज़िद कर रही है.