नई दिल्ली। कश्मीर की अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी से नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी अपने दिल्ली स्थित मुख्यालय में कड़ी पूछताछ कर रही है।

 

प्रतिबंधित संगठन दुखतरान-ए-मिल्लत की अध्यक्ष आसिया से हर कुछ घंटे बाद एनआईए की अलग-अलग महिला अफसर पूछताछ कर रही हैं, ताकि लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों से उसके रिश्तों की पड़ताल की जा सके। वहीं जांच एजेंसी भारत के प्रति उसकी कट्टर सोच और लश्कर चीफ हाफिज सईद से रिश्तों के बारे में भी जानकारी जुटाई रही है।

 

छात्रों को भड़काने का है आरोप

 

2016 में आतंकी बुरहानी वानी की मौत के बाद घाटी में छात्रों ने जबदरस्त प्रदर्शन किया था। खुफिया एजेंसियों को ऐसी जानकारी मिली थी, आसिया ने छात्रों को भड़काया था। इसी आधार पर उसे अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार को ही जांच एजेंसी को आसिया से पूछताछ के लिए दस दिन की रिमांड मिली थी। इसके बाद उसे श्रीनगर से दिल्ली लाया गया है।

 

जांचकर्ताओं की मानें तो आतंकी संगठन लश्कर-ए-तयैबा के चीफ हाफिज सईद से आसिया के सालों पुराने संबंध हैं। इसके बावजूद उस पर कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं आसिया ने हाफिज सईद की एक रैली को फोन पर संबोधित किया था। हाफिज उसे अपनी बहन मानता है।

 

आसिया के ट्विटर हैंडल से मिले अहम सुराग

 

आसिया के ट्विटर हैंडल से भी एनआईए को उसके आतंकियों से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। लश्कर के कई आतंकी, जो कश्मीर के अलावा पीओके में सक्रिय हैं, वो उसे ट्विटर पर फॉलो करते हैं। आतंकियों से उसके कनेक्शन की जानकारी जुटाने के लिए नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी( NIA) उर्दू में लिखे उसके ट्वीट को डी-कोड करा रही है। यूं भी आसिया अपने ट्वीटर हैंडल पर भारत के खिलाफ भड़काऊ बातें लिखती रही है।

 

एनआईए के डोजियर के मुताबिक, "सायबरस्पेस में अपनी हरकतों के जरिए, वो पाकिस्तान के एजेंडे को भारत में फैलाने का काम कर रही है। इसमें पाकिस्तान के आतंकी संगठनों की मदद करना भी शामिल है।"

 

जांचकर्ताओं की मानें तो इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी सरकार की शह होने की वजह से आसिया अंद्राबी पर भी कानूनी कार्रवाई नहीं हो पाई। दिखावे के लिए जरूर उसे कई बार नजरबंद किया गया। वो खुलेआम भारत के खिलाफ काम करने वाले पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के साथ खड़ी नजर आती है।

 

पिछले साल अक्टूबर में 12 महिला अचीवर्स को लेकर जारी एक सरकारी पोस्टर में भी आसिया की तस्वीर महबूबा मुफ्ती के साथ नजर आई थी। इसके बाद सूबे में काफी बवाल मचा था। विवाद बढ़ता देख सरकार ने इस पोस्टर के लिए जिम्मेदार सरकारी अफसर के खिलाफ कार्रवाई करके अपनी साख बचाने की कोशिश की थी। इस बार एनआईए के पास आसिया के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं कि वो घाटी में छात्राओं को भड़का रही हैं कि वो सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करें।

 

दूसरों को धर्म के नाम पर भड़काने वाली आसिया के दो बच्चे विदेश में पढ़ रहे हैं। बड़ा बेटा जहां मेलबर्न से एमटेक की पढ़ाई कर रहा है तो वहीं छोटा बेटा मलेशिया की एक इस्लामिक यूनिवर्सिटी का छात्र है।

 

आसिया हर साल 14 अगस्त यानी पाकिस्तान डे के मौके पर कश्मीर में पाकिस्तानी झंडा फहराती है। इस मामले में उस पर पहले से ही केस दर्ज है।

 

एनआईए की मानें तो इस केस में जो एफआईआर दर्ज हुई है, उसके मुताबिक आसिया अंद्राबी अलग-अलग मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके अपने अलगाववादी विचारों और भड़काऊ भाषणों को लोगों तक पहुंचाती है। इससे देश की अखंडता, एकता पर खतरा मंडरा रहा है।