मंडीदीप । नगर में प्रायवेट स्कूल संचालकों व स्टेशनरी विक्रताओं का शक्तिशाली गठजोड़ अब अभिभावकों और पालकों पर भारी पड़ने लगा है। कुछ निजी स्कूल संचालक विद्यार्थियों को किताब, कापी बेचकर अपनी जेब भर रहे हैं तो कुछ चुनिंदा स्टेशनरी दुकानों से सांठगाठ कर रखी है।


बाजार में जो किताब 10 रुपए की मिलती है, उसे कमिशनखोरी के चलते यहां पर 90 से 120 रुपए में बेचा जा रहा


है। स्कूल संचालकों द्वारा चुनिंदा दुकानों से बच्चों का कोर्स खरीदने पर विवश किया जा रहा है। नगर की एक स्टेशनरी की दुकान इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। इसका कारण यह है कि नगर के 125 निजी स्कूलों का कोर्स केवल इसी दुकान पर मिल रहा है। वैसे नगर में दो दर्जन से अधिक स्टेशनरी की दुकानें हैं। हालांकि इसकी जानकारी जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को है। लेकिन, वह अभिभावकों और पालकों की शिकायत के इंतजार में बैठे हैं।


एक हजार से पांच हजार तक कोर्स


निजी स्कूलों का कोर्स नगर की स्टेशनरी दुकान विश्व भारती पर मिल रहा है। नर्सरी से लेकर हाई स्कूल व हायर सेकंडरी एवं सीबीएससी स्कूलों का कोर्स 1500 से 5000 रुपए में मिल रहा है। हिन्दी व इंग्लिश माध्यम के विद्यालयों के साथ ही सीबीएससी पैटर्न के स्कूलों का कोर्स अधिक मंहगा है। सेंट्रल बोर्ड से संबंधित स्कूल का


10वीं कक्षा का कोर्स लेने आई गायत्री धरपुड़े ने बताया की बच्चे का पूरा कोर्स 4000 रुपए में आया है। वहीं 9वीं


इंग्लिश मिडियम का कार्स 3000 रुपए में आ रहा है।


दस वर्ष में एक भी कार्रवाई नहीं


पहले एक ही दुकान से सीबीएससी व एमपी बोर्ड की किताबें मिलती थीं। अब दो दुकानों से मिल रही है। सबसे


चौंकाने वाली बात तो यह है की आज तक जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग ने किसी भी प्रकार की कार्रवाई न तो स्कूल संचालकों पर किया है और स्टेशनरी दुकान संचालकों पर। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि स्कूल संचालकों और स्टेशनरी दुकान संचालकों का गठजोड़ कितना प्रभावशाली है।


हर साल कर देते हैं बदलाव


निजी स्कूल संचालक हर वर्ष कोर्स में थोड़ा बहुत बदलाव कर देते हैं। इस कारण पुरानी किताब एक भी विद्यार्थी उपयोग नहीं कर पाता है। मजबूरी में सभी पालकों और अभिभावकों को हर वर्ष नया कोर्स खरीदना पड़ता है।


कार्रवाई की जाएगी


दो चुनिंदा दुकानों से 125 निजी स्कूलों के कोर्स के विक्रय संबंधी जानकारी आपके द्वारा मिली है। इस बारे जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी - एसप्रिया मिश्रा, कलेक्टर रायसेन