नई दिल्ली इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। लेकिन जल्दबाजी में आईटीआर फाइल करने में गलती होने की संभावना होती है। इससे अच्छा है कि आप जल्द ही ITR फाइल कर लें। अगर आप ऑनलाइन आईटीआर फाइल कर रहे हैं तो हम आपको इसका आसान तरीका बता रहे है।


इनकम टैक्स रिटर्न ऑनलाइन फाइल करने के लिए सबसे पहले आयकर विभाग की वेबसाइट incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं।


ई-फाइलिंग के लिए सबसे पहले आपको इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर अकाउंट बनाना होगा। इसमें अकाउंट बनाने के लिए पैन नंबर और डेट ऑफ बर्थ (जन्मदिवस) जैसी पर्सनल डीटेल डालनी होगी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के इस लिंक पर क्लिक करके अकाउंट बनाएं। आपका पैन नंबर (PAN) आपका यूजर आईडी होगा।


आईडी बनने के बाद लॉग इन करें।


आईटीआर फॉर्म नाम, आकलन वर्ष और सबमिशन मोड का चयन करें। (ऑनलाइन तैयार करें और जमा करें)


विवरण भरकर ‘सबमिट करें’ बटन पर क्लिक करें।


आपकी आईटीआर सफलतापूर्वक जमा कर दी गई है और ITR-V उत्पन्न किया जाएगा। लिंक पर क्लिक करें और इसे डाउनलोड करें क्योंकि यह एक पावती के रूप में कार्य करता है। ITR-V को आपके रजिस्टर्ड ईमेल पर भी भेजा जाता है।


अब रिटर्न फाइल करते समय अपने पास ये दस्तावेज रख लें


पैन नंबर, फॉर्म 16, आपके खातों पर मिला संबंधित वित्तीय वर्ष का कुल ब्याज, टीडीएस (TDS) संबंधी डीटेल और सभी तरह के निवेशों संबंधी सबूत।  होमलोन और इंश्योरेंस संबंधी डॉक्युमेंट्स भी अपने पास रखें।  इनकम टैक्स की साइट से फॉर्म 26AS भी डाउनलोड कर सकते हैं जो आपकी टैक्स स्टेटमेंट शो करता है जो आपके द्वारा दिया जा चुका है। अपना टैक्स रिटर्न वैलिडेट करने के लिए आप इस फॉर्म का सहारा ले सकते हैं।


फॉर्म चुनते हुए ध्यान दें

फॉर्म चुनते समय यह सावधानी बरतें कि आपको जो फॉर्म चुनना  है, वह आपकी कुल आय के मुताबिक हो. इन्डिविजुअल (सैलरी), पेंशन इनकम, एक मकान से इनकम या अन्य आयस्रोतों से इनकम (लॉटरी के अतिरिक्त) के केस में फॉर्म ITR-1, जिसे 'सहज' भी कहा जाता है, सेलेक्ट करना होगा। 

जिनकी इनकम सालाना 50 लाख रुपये तक है, वह सहज फॉर्म उठाएं। ITR- 2 से वे सैलरी वाले अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं जिनकी सालाना आमदनी 50 लाख से ज्यादा है। पूंजीगत लाभ होने की दिशा में ITR-2 सेलेक्ट करना होगा। टैक्स विभाग ने फॉर्म्स की संख्या अबकी बार घटा दी है। ITR-2, ITR-2A और ITR-3 एक ही फॉर्म में मर्ज कर दिए हैं। ITR-4, ITR-4S को ITR-3 और ITR-4 (सुगम) का नाम दे दिया गया है। ITR फॉर्म 5 से लेकर 7 तक नॉन-इंडिविजुअल के लिए हैं।