इस्लामाबाद।  पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने जाली बैंक खातों के मामले में ताजा रहस्योद्घाटन के बाद पूर्व राष्ट्रपति और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी और उनकी बहन फरयाल तालपुर की विदेश यात्रा पर रविवार को रोक लगा दी। जियो टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रधान न्यायाधीश साकिब निसार ने 20 लोगों के नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट में डालने के आदेश दिए। इनमें जरदारी और फरयाल शामिल हैं। इस सूची में शामिल लोगों पर पाकिस्तान से बाहर जाने पर रोक होती है। प्रधान न्यायाधीश ने फर्जी बैंक खातों की जांच की सुस्त रफ्तार के बाद यह आदेश दिए। 


कोर्ट ने सात फर्जी बैंक खातों के धारकों और 13 लाभार्थियों को 12 जुलाई को सम्मन किया। जिन लोगों को 12 जुलाई को पेश होने के लिए कहा गया है उनमें जरदारी, फरयाल, तारिक सुलतान, इरम अकील, मोहम्मद अशरफ और मोहम्मद इकबाल आराईं शामिल हैं। जाली बैंक खातों के लाभार्थियों में नासिर अब्दुल्ला, अंसारी शुगर मिल्स, ओमानी पोलीमर पैकेजेज, पाक इथेनोल प्राइवेट लिमिटेड, चांबर शुगर मिल्स, एग्रो फार्म थट्टा, जरदारी ग्रुप, पार्थेनोन प्राइवेट लिमिटेड, एवन इंटरनेशनल इत्यादि के नाम शामिल हैं। 


एक महिला के नाम 29 खाते खोले :

शुक्रवार को संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने सेंट्रल डिपोजिटरी कंपनी (सीडीसी) अध्यक्ष एवं सम्मिट बैंक के उपाध्यक्ष हुसैन लावाइ को हिरासत में लिया था। लावाइ जरदारी के निकट सहयोगी हैं। एफआईए के सूत्रों के अनुसार एक महिला समेत सात लोगों के नाम पर 29 बैंक खाते खोले गए। इनमें से 18 से 19 खाते अकेले सम्मिट बैंक खोले गए हैं। इन खातों का इस्तेमाल धनशोधन के लिए किया गया था और उनका संचालन एक कारोबारी अनवर मजीद करते थे जो जरदारी और उनके कारोबारी साझेदारों के बहुत नजदीक हैं। लावाइ के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के अनुसर इन जाली खातों में  अरबों रुपये जमा किए गए थे। बाद में रकम जरदारी और अन्य लोगों के खातों में भेज दी गई।