इंदौर के आध्यात्मिक संत भय्यूजी महाराज के सुसाइड केस में बड़ा खुलासा सामने आया है. लैब से आई हैंडराइटिंग रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सुसाइड नोट भय्यूजी महाराज ने ही लिखा था. बता दें कि भय्यूजी महाराज के सुसाइड के बाद दो पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ था.


बता दें कि इससे पहले एक और खुलासा हुआ था. इसमें यह सामने आया था कि भय्यूजी महाराज ने क्षणिक आवेश यानी एकदम गुस्से में आकर आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उन्होंने 15 से 20 मिनट विचार करने बाद खुद को गोली मारी थी. भय्यूजी महाराज की आत्महत्या को लेकर फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने यह जानकारी दी थी.

बता दें कि भय्यूजी महाराज ने 12 जून को बेटी के कमरे में खुद की रिवॉल्वर से गोली मारी थी. भय्यूजी महाराज के सुसाइड करने के पीछे पारिवारिक कलह को वजह बताया जा रहा है. उन्होंने उसी कैंपस में खुदकुशी की, जहां एक साल पहले उन्होंने अपनी दूसरी पत्नी से शादी रचाई थी.

कौन थे भय्यूजी महाराज


- शुजालपुर के एक किसान परिवार में जन्मे भय्यूजी महाराज का असली नाम उदयसिंह देखमुख था.


- इंदौर में बापट चौराहे पर उनका आश्रम है जहां से वे अपने ट्रस्ट के सामाजिक कार्यों का संचालन करते थे.


- भय्यूजी महाराज की पहली पत्नी का नाम माधवी था. उनका निधन हो चुका है.


- माधवी से उनकी एक बेटी कुहू है, जो फिलहाल पुणे में पढ़ाई कर रही है.


- भय्यूजी महाराज नाम तब चर्चा में आया था, जब भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे अन्ना हजारे को मनाने के लिए यूपीए सरकार ने उनसे संपर्क किया था.

पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देखमुख, शरद पवार, लता मंगेशकर, उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, आशा भोंसले, अनुराधा पौंडवाल, फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी जैसी हस्तियां उनके आश्रम आ चुके हैं.